
महरौनी (ललितपुर) . राजीव सिंघई । झारखंड में स्थित प्रमुख जैन तीर्थ क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में घोषित किये जाने के खिलाफ देश भर के जैन समाज में गुस्सा है। महरौनी जैन समाज के साथ साथ सर्व समाज सड़क पर उतर आया है । जैन समाज का इस तीर्थ क्षेत्र से भावनात्मक संबंध है ।
सम्मेद शिखर जी तीर्थ क्षेत्र दुनिया भर में फैले जैन धर्मावलंबियों के लिए बहुत ही भावनात्मक संबंध रखता है । सरकारों के निर्णय को लेकर सर्व समाज ने बाजार बंद कर रैली निकली |

जैन समाज की प्रमुख मांगें
. सम्मेद शिखर जी को पर्यटन स्थल नहीं, पवित्र क्षेत्र घोषित करें ।
. ‘पारसनाथ पर्वतराज’ को वन्य जीव अभयारण्य, पर्यावरण पर्यटन के लिए घोषित इको सेंसिटिव जोन के अंतर्गत जोनल मास्टर प्लान व पर्यटन मास्टर प्लान, पर्यटन/धार्मिक पर्यटन सूची से बाहर किया जाए .
. ‘पारसनाथ पर्वतराज’ को बिना जैन समाज की सहमति के इको सेंसिटिव जोन के अंतर्गत वन्य जीव अभयारण्य का एक भाग तीर्थ माना जाता है, इस तरह का नोटिफिकेशन लिखकर तीर्थराज की स्वतंत्र पहचान व पवित्रता नष्ट करने वाली झारखंड सरकार की अनुशंसा पर केंद्रीय वन मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना क्र. 2795 (ई)दिनांक 02अगस्त 2019 को अविलंब रद्द किया जाए ।
. ‘पारसनाथ पर्वतराज’ और मधुवन को मास-मदिरा बिक्री मुक्त पवित्र जैन तीर्थ स्थल घोषित किया जाए ।
. पर्वत राज की वंदना मार्ग को अतिक्रमण, वाहन संचालन व अभक्ष्य सामग्री बिक्री मुक्त कर यात्री पंजीकरण, सामान जांच के लिए CRPF व स्कैनर, CCTV कैमरे सहित 2 चेक पोस्ट चिकित्सा सुविधा सहित बनाए जाएं ।
. पर्वतराज से पेड़ों का अवैध कटान, पत्थरों का अवैध खनन और महुआ के लिए आग लगाना प्रतिबंधित हो ।












