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सम्मेद शिखर जी पर केन्द्र सरकार की तरह राज्य सरकार दे आश्वासन: जैन समाज की ओर से आंदोलन का रुख झारखंड करने की तैयारी

सम्मेद शिखर जी पर्यटन स्थल बनाने का विरोध पूरे देश में हो रहा है । देश की राजधानी सहित कई राज्यों में इसे लेकर जैन समाज विरोध प्रदर्शन कर रहा है । अब झारखंड में भी इसे लेकर आंदोलन की रणनीति तैयारी की जा रही है । सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार अब जैन समाज ने झारखंड सरकार से जवाब मांगना तय किया है ।

दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी के आश्वासन को जैन समाज ने सरकार और बीजेपी के आश्वासन के रूप में लिया है । दिल्ली में जैन समाज के प्रदर्शन से केन्द्र सरकार सकते में हैं । क्योंकि दिल्ली में जैन समाज ने राष्ट्रपति भवन जाने के लिए जिस तरह जोश दिखाया, उससे दिल्ली पुलिस को बहुत मेहनत करनी पड़ी ।

दिल्ली पुलिस केन्द्र सरकार के अधीन है ,जिसमें गृह मंत्री अमित शाह हैं, ऐसे में, केन्द्र सरकार ने इस मामले में 15 दिन का समय लेकर आंदोलन को झारखंड सरकार की ओर मोड़ दिया है ।

झारखंड सरकार ने बैठकें तो की, मगर फैसला नहीं किया

झारखंड सरकार ने जैन समाज के विरोध को देखते हुए उच्चस्तरीय बैठकें तो बुलाई लेकिन समाधान नहीं निकला । जैसे-जैसे समय बीत रहा है सरकार के कुछ अधिकारी और कुछ विधायक व जनप्रतिनिधि, इसे जैन समाज और झारखंड सरकार के बजाए जैन श्रद्धालूओं और स्थानीय लोगों के बीच के टकराव का मामला बताने लगे हैं ।

26 दिसंबर को मुख्य मंत्री के सचिव के साथ हुई बैठक के बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी अभी तक झारखंड सरकार की ओर से नहीं आई है । इससे ऐसा लगता है कि सरकार इस मामले में कोई स्पष्ट राय नहीं बना रही और उसे लगता है कि जैसे-जैसे समय गुजरेगा, जैन समाज का आक्रोश शांत हो जाएगा ।

मुद्दा कहीं और भटकने से आंदोलन में वो बात नहीं रहेगी । फिर सरकार अपना मनमाना फैसला लागू कर सकती है ।

जैन समाज अब झारखंड में सड़कों पर उतरेगा

गिरिडीह में भी जैन समाज सड़क पर उतरने की रणनीति तैयार कर रहा है । चार-पांच दिनों में सम्मेद शिखर पारसनाथ को पर्यटन स्थल बनाने के प्रस्ताव के विरोध में जैन समाज के लोग गिरिडीह में जैन समाज के लोग इंतजार में थे मगर अब मामला लंबा खींचते देख, अब गिरिडीह में प्रदर्शन शुरू करने की बात हो रही है ।

जैन समाज और स्थानीय लोगों का मुद्दा बना रहे नेता

ये मुद्दा जैन समाज के तीर्थ स्थानों में वर्षों में हुए अतिक्रमण और अनाधिकृत कब्जे से जुड़ा है । पालीताना, गिरिनार जी में जैन समाज ने खुद को ठगा हुआ पाया है । इसीलिए सम्मेद शिखरजी को लेकर संवेदनाएं प्रबल है । लेकिन इसे जैन समाज और स्थानीय के लोगों के बीच का विवाद बनाया जा रहा है ।

सम्मेद शिखर के आसपास दुकान लगाने वालों ने जैन समाज के लोगों पर आरोप लगाया था कि वह यहां आकर उन्हें दबाने की कोशिश कर रहे हैं । इस मामले में सड़क पर भी विरोध प्रदर्शन हुआ था । दुकानें बंद कराई गयी थी । प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ ।

जैन समाज के नेताओं ने यह तय किया है कि जिस तरह से केन्द्र सरकार ने आश्वासन दिया है, उसी तरह झारखंड सरकार भी आश्वासन दे ।

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