महाराष्ट्र में जैन महाकुंभ भव्य अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं महामस्तकाभिषेक महोत्सव होगा। जनमंगलकारी महातीर्थ णमोकार तीर्थ जहाँ युगों की अखंड साधना, अनंत आस्था,और संस्कारों का दिव्य संगम और त्याग की भूमि, जहां प्रत्येक शिला जिनवाणी का संदेश देती है। नासिक से पढ़िए, राजीव सिंघाई की यह रिपोर्ट…
नासिक। महाराष्ट्र में जैन महाकुंभ भव्य अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं महामस्तकाभिषेक महोत्सव होगा। जनमंगलकारी महातीर्थ णमोकार तीर्थ जहाँ युगों की अखंड साधना, अनंत आस्था,और संस्कारों का दिव्य संगम और त्याग की भूमि, जहां प्रत्येक शिला जिनवाणी का संदेश देती है। जहां हर दिशा में संतों के आशीर्वाद की सुगंध बिखरती है। जहां हर शिला में श्रद्धा बसती है। जहां हर मार्ग धर्म की ओर ले जाता है।
इन आचार्यों और साधुओं को सानिध्य मिलेगा
यह दिव्य पावन धरा पर पाषाण को पूज्य बनाने का अनुष्ठान आचार्य श्री कुंथुसागर जी महाराज के सान्निध्य में आचार्य श्री देवनंदी जी महाराज, णमोकार तीर्थ प्रणेता के निर्देशन, मुनिश्री अमोघकीर्ति जी एवं मुनिश्री अमरकीर्ति जी के मार्गदर्शन में आचार्य परमेष्टि अभीक्ष्ण ज्ञानोपयोगी चारों दिशाओं से चार सौ से अधिक महाश्रमण, आचार्य श्री पुष्पदंतसागर जी महाराज ससंघ, आचार्य श्री पद्मनंदी जी, आचार्य श्री गुणधरनंदी जी, आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी, आचार्य श्री सिद्धांतसागर जी, आचार्य श्री विनम्रसागर जी, आचार्य श्री प्रसन्नऋषि जी महाराज,आचार्य श्री डॉ प्रणाम सागर जी,आचार्यश्री सुविधिसागरजी, आचार्य श्री कुमुदनंदी जी, आचार्य श्री विद्यानंदी जी, आचार्य श्री तीर्थनंदी जी, आचार्य श्री गुलाबभूषण जी,आचार्य श्री श्रुतधरनंदीजी, आचार्य श्री गुणभद्रनंदी जी, आचार्य श्री सूर्यसागर जी, आचार्य श्री सुयशगुप्ती जी, आचार्य श्री दयाऋषी जी, उपाध्याय श्री विरंजनसागर जी, उपाध्याय श्री विभंजनसागर जी, क्षुल्लक श्रीसमर्पण सागर जी, क्षुल्लक श्री ध्यानसागर जी, योगभूषण जी, आर्यिका श्री सौभाग्यमती माता जी, आर्यिका श्री सृष्टिभूषण माता जी ससंघ 27 आचार्य संघों का समागम, श्री भट्टारक चारुकीर्ति जी श्रवणबेलगोला कर्नाटक, श्री भट्टारक जिनसेन जी नांदनी महा श्री भट्टारक चारूकीर्ति जी मूडबद्र कर्नाटक, स्वस्तिश्री रविन्द्र कीर्ति स्वामी जी सहित वृहद पावन सान्निध्य एक साथ एक मंच पर मुनिराजों के दर्शन करने का सौभाग्य मिलेगा। और ,बा.ब्र. वैशाली दीदी द्वारा वृहद संयोजन, प्रतिष्ठा महोत्सव संयोजक नीलम अजमेरा, संतोष पैंढारी नागपुर की अध्यक्षता रहेगी। जहां तीर्थंकर भगवान के जन्म, दीक्षा,तप केवलज्ञान, निर्वाण जैसे जीवन-कल्याणकारी प्रसंग विधिपूर्वक सम्पन्न होंगे। भक्तों के प्रत्येक क्षण जिनशासन के प्रति समर्पण से साकार हो रहा।
इस तरह रहेंगे कार्यक्रम
6 से 25 फरवरी तक पावन महामहोत्सव का हिस्सा बनें। दीक्षार्थीयों की बिनोली 5 तारीख को शाम 7 बजे जलूस निकलेगा। प्रतिष्ठानायक 351 जिनबिंब का 6 तारीख को सुबह 8 बजे श्री मंगल कलश यात्रा 7 तारीख को सुबह 10 बजे घटयात्रा 1008 कलशों के साथ, जन्माभिषेक भव्य जुलूस 8 तारीख को सुबह 10.30 बजे एवं 13 फरवरी को सुबह 9.30 बजे भव्य जिनबिंब रथयात्रा, आपकी उपस्थिति मानवता के महामंगल का निमित्त बनेगी। ऐसा हम सभी का परम विश्वास है।













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