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रत्नत्रयवर्धिनी ग्रीष्म कालीन वाचना के लिए कलश स्थापना: श्रीजी का अभिषेक कर शांतिधारा की


आचार्य श्री 108 श्री विनम्रसागर जी महाराज ससंघ का अल्प प्रवास सनावद में है। श्री पार्श्वनाथ मंदिर एवं सुपार्श्वनाथ मंदिर में श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा कराई गई। आचार्य श्री विनम्र सागर जी ने ग्रीष्म काल में वाचना के निमित्त आचार्य शांतिसागर वर्धमान देशना संत निलय में रत्नत्रयवर्धिनी ग्रीष्म कालीन वाचना के लिए कलश स्थापना की। सनावद से सन्मति जैन काका की पढ़िए, यह खबर…


सनावद। जैसा की सभी को विदित है कि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज सहित 18 त्यागियों की नगरी सनावद में साधुओं का आना जारी है। आचार्य श्री 108 श्री विनम्रसागर जी महाराज भक्तामर वाले बाबा (17 पिच्छी) ससंघ का अल्प प्रवास सनावद में है। गुरुवार को प्रातः श्री पार्श्वनाथ मंदिर एवं सुपार्श्वनाथ मंदिर में आचार्य संघ के सानिध्य में श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा कराई गई। आचार्य श्री विनम्र सागर जी महाराज ससंघ द्वारा ग्रीष्म काल में वाचना के निमित्त अल्प प्रवास के लिए आचार्य शांतिसागर वर्धमान देशना संत निलय में प्रातः रत्नत्रयवर्धिनी ग्रीष्म कालीन वाचना के लिए कलश की स्थापना की गई। समाज प्रवक्ता सन्मति जैन काका ने बताया कि इस रत्नत्रयवर्धिनी ग्रीष्म कालीन वाचना हेतु कलश स्थापित करने का शौभाग्य पवनकुमार विनीश कुमार गोधा परिवार को प्राप्त हुआ।

इस कलश को आचार्य श्री ने अभिमंत्रित कर स्थापना कराई। आचार्य श्री की आहार चर्या संपन्न हुई। प्रशांत जैन ने बताया कि प्रतिदिन आचार्य श्री के सानिध्य में प्रातः श्रीजी का अभिषेक शांतिधारा, प्रातः 8.30 बजे स, आचार्य श्री मंगल देशना, प्रातः 10.00 बजे से आचार्य संघ की आहार चयार्, दोपहर में 3.00 बजे से तत्व चर्चा, शाम 6.30 बजे से आचार्य भक्ति, आरती, शाम 7.00 बजे से आर्यिका माताजी द्वारा सामायिक पाठ क्लास ली जाएगी। मुनि त्यागी समिति अध्यक्ष मुकेश जैन ने सभी समाजजनों से समस्त कार्यक्रमों में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने के लिए निवेदन किया।

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