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अष्टाहिंका महापर्व का पांचवा दिन : पुण्य बढ़ाओ, सब कुछ पाओ – आचार्य श्री प्रमुख सागर


स्थानीय फैंसी बाजार स्थित भगवान महावीर धर्मस्थल में चल रहे श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के पांचवे दिन आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आप में पुण्य का तीव्र है तो आपको सब जगह सफलता मिलेगी। और अगर पाप का उदय है तो सफलता मिलती हुई भी समाप्त हो जाएगी। पढ़िए सुनील सेठी की रिपोर्ट…


गुवाहाटी। स्थानीय एमएस रोड स्थित भगवान महावीर धर्मस्थल में चल रहे श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के पांचवे दिन शुक्रवार को आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप में पुण्य का तीव्र है तो आपको सब जगह सफलता मिलेगी। और अगर पाप का उदय है तो सफलता मिलती हुई भी समाप्त हो जाएगी। पैसा संसार में सब कुछ दिला सकता है, परंतु सच्चा सुख पुण्य से ही प्राप्त होता है। आचार्य श्री ने पुण्य कमाने के चार साधन बताए। उन्होंने कहा कि नित्य प्रति दिन अभिषेक करना चाहिए, साधुओं को आहार देना चाहिए, व्रत, नियम, संयम लेना चाहिए, उपवास व्रत आदि करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म से ही पुण्य की प्राप्ति होती है। साधु संगत में जितना रहोगे, पुण्य उतना अधिक मिलेगा।

विधान पर चढ़ाए गए अर्घ्य

इस अवसर पर आचार्य श्री (ससंघ) के निर्देशन में श्रीजी का अभिषेक व शांतिधारा करने का सौभाग्य महेंद्र कुमार-पूजा देवी पांड्या (परिवार)एवं राजकुमार- लता देवी बाकलीवाल(मंदसौर) परिवार को प्राप्त हुआ। तत्पश्चात इंद्र-इंद्राणी सहित विधान के प्रमुख पात्रों द्वारा संगीतमय स्वर लहरियों के साथ पूजा अर्चना कर विधान के 128 अर्घ्य चढ़ए गए। इस अवसर पर समाज के बच्चों, पुरुषों व महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में कार्यक्रम में भाग लेकर पुण्यार्जन किया। यह जानकारी समाज के प्रचार प्रसार विभाग के मुख्य संयोजक ओमप्रकाश सेठी एवं सह संयोजक सुनील कुमार सेठी ने दी।

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