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घटयात्रा एवं ध्वजारोहण के साथ सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ : मंडल का मांडना, रंगोली रही आकर्षण का केंद्र 


श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में सिद्धचक्र महामंडल विधान आरंभ हुआ। सर्वप्रथम मूलनायक श्री शांतिनाथ भगवान का अभिषेक और शांतिधारा की गई। सर्वशुद्धि के लिए घटयात्रा निकाली गई। प्रतिष्ठाचार्य के रूप में पंडित जयकुमार जैन निशांत टीकमगढ़ का सम्मान किया गया। ध्वजारोहण, पूजन, प्रश्नमंच आदि के कार्यक्रम होने जा रहे हैं। पढ़िए रामगंजमंडी से अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर…


रामगंजमंडी (राजस्थान)। सिद्धों की आराधना करने के लिए सिद्धचक्र महामंडल विधान सोमवार की बेला में श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आरंभ हुआ। शुभारंभ अवसर पर सर्वप्रथम मूलनायक श्री शांतिनाथ भगवान का अभिषेक और शांतिधारा की गई। इसके बाद मूलनायक भगवान के समक्ष देव आज्ञा ली गई एवं सर्वशुद्धि के लिए घटयात्रा निकाली गई। घटयात्रा में बैंडबाजों के साथ मंदिर की परिक्रमा की गई। जिसमें महिला शक्ति मंगल कलश लेकर चल रही थी। साथ ही पुरुष वर्ग जैन ध्वज लेकर चल रहे थे। घटयात्रा के बाद प्रतिष्ठाचार्य के रूप में पंडित जयकुमार जैन निशांत टीकमगढ़ का सम्मान एवं विधान का निर्देशन करने के लिए उन्हें आचार्य निमंत्रण दिया गया। साथ ही सह प्रतिष्ठाचार्य के रूप में संतोष जैन एवं प्रशांत जैन आचार्य से भी सम्मान करते हुए निवेदन किया गया। पंडित जयकुमार जैन निशांत के निर्देशन में विधि-विधान के साथ ध्वजारोहण किया गया।

इनके द्वारा किया जा रहा है महामंडल विधान

यह अनुष्ठान 8 दिन चलेगा। यह महामंडल विधान स्व.जयकुमार विनायका, मानकुंवर बाई विनायका रामगंजमंडी की प्रेरणा से दिलीप कुमार, कमल कुमार, अरुण कुमार, संजय कुमार विनायका परिवार रामगंजमंडी कर रहे हैं।

सम्मेद शिखर तीर्थ की बनाई गई रंगोली ने मन मोहा    

ध्वजारोहण उपरांत पात्र शुद्धि, जाप्य स्थापना, भूमि मंडप, वेदी शुद्धि, पंडाल शुद्धि उसके बाद भगवान को विराजमान कर अभिषेक एवं शांति धारा की गई। मंडल पर चार मुख्य कलश, अष्ट प्राप्तिहार्य, पंचमेरू, ध्वजाएं एवं अखंड दीप ज्योति प्रज्वलित की गई। महामंडल विधान के तहत सम्मेद शिखर तीर्थ की बनाई गई रंगोली एवं सिद्ध चक्र महामंडल विधान का बनाया गया मांडना आकर्षण का केंद्र रहा। मंदिर में की गई आकर्षक सजावट सभी का मन मोह रही है।

प्रश्न मंच भी आयोजन किया जाएग

समस्त क्रियाएं विधि-विधान के साथ होने के बाद नित्य नियम पूजन की गई एवं सिद्धचक्र महामंडल विधान करते हुए 8 अर्घ्य समर्पित किए गए। महामंडल विधान में प्रख्यात भजन गायक कलाकार रामकुमार जैन एंड पार्टी दोराहा ने अपनी स्वर लहरियां बिखेरी। प्रतिदिन संध्या की बेला में श्रीजी की आरती, सिद्ध चक्र महामंडल विधान की आरती एवं भक्ति के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे एवं पंडित जयकुमार जैन निशांत के मंगल प्रवचन होंगे। प्रश्न मंच भी किया जाएगा। प्रतिदिन प्रातः की बेला में सुबह 6 से 6.45 तक पंडित जयकुमार जैन निशांत टीकमगढ़ की ओर ध्यान करवाया जाएगा।

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