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जीवन में संस्कार होना जरूरी जहां संस्कार नहीं वहां धर्म नहींः मुनिश्री विनितसागर जी महाराज


धामनोद में जैन संत मुनिश्री विनीत सागरजी संसंघ का आगमन हुआ है। नित्य अभिषेक और शांतिधारा के बाद मुनिश्री विनीत सागरजी महाराज के प्रवचन हो रहे है। मुनिश्री ने मंगलवार को मंदिर जी में केश लोचन भी किए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं भाव विभोर हो गए। पढ़िए धामनोद से दीपक प्रधान की यह खबर…


धामनोद। धामनोद में जैन संत मुनिश्री विनीत सागरजी संसंघ का आगमन हुआ है। नित्य अभिषेक और शांतिधारा के बाद मुनिश्री विनीत सागरजी महाराज के प्रवचन हो रहे है। सुबह मंगलाचरण प्रणीति जैन ने किया। इस अवसर समाज अध्यक्ष महेश जैन ने बताया कि मुनिश्री विनीत सागरजी महाराज के आने के बाद नगर में धर्म की प्रभावना हो रही है।

महावीर स्वामी ने अपनी वाणी से सभी के दिल को जीता

मुनिश्री विनीत सागरजी महाराज धर्म सभा में प्रवचन करते हुए मंगलवार को कहा कि वर्तमान शासन नायक महावीर स्वामी ने अपनी वाणी से सभी के दिल को जीता। हमेशा मीठी वाणी से धर्म का मार्ग प्रशस्त किया। हमारे लिए भी इस भौतिकवादी युग में संस्कार का होना जरूरी है। मुनिश्री विनितसागरजी महाराज ने कहा कि हमको हमारे तीर्थंकरों के जीवन की कथा को आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने अपने जीवन में कैसे धर्म का मार्ग अपनाया।

मुनिश्री विनीत सागरजी महाराज ने किया केश लोचन

मुनिश्री विनीत सागरजी महाराज ने मंगलवार को मंदिर जी में केश लोचन भी किए। क्षुल्लक महाराज जी ने भी केश लोच किए। आज तप की साधना देखकर श्रावक और श्राविकाओं के नेत्र भी सजल हो उठे। जब अपने हाथों से मस्तक के केश निकाल रहे थे। बहुत ही कठिन साधना होती है, जब जैन संत केशलोचन करते है। जब सभी श्रावक और श्राविकाएं भगवान की विनती पाठ कर रही थीं। उन्होंने महामंत्र नमोकार का भी पाठ किया। मुनिश्री और क्षुल्लक जी ने आज केश लोचन कर उपवास भी रखे।

धर्म की क्लासेस और आनंद की यात्रा शाम को

शेष संतों की आहार चर्या जितेंद्र जैन के निवास पर हुई। समाज सचिव दीपक प्रधान ने बताया कि महाराज जी के सानिध्य में रोजाना धर्म की क्लासेस और आनंद की यात्रा शाम को हो रही है। गुरु भक्ति आरती भी शाम को हो रही है। मुनि सेवा समिति के अध्यक्ष सचिन जैन टीम के सदस्य मुनिराज की व्यवस्था में सहयोग कर रहे है।

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