आचार्य श्री विमर्श सागर जी महाराज के सानिध्य में शुक्रवार को भगवान शांति नाथ विधान का शुभ एवं मंगलमय आयोजन भक्तिभाव से हुआ। विधान का संचालन दिल्ली से पधारे पंडित दीपक जैन शास्त्री द्वारा विधि-विधानपूर्वक किया गया। शामली से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर…
शामली (उप्र)। आचार्य श्री विमर्श सागर जी महाराज के सानिध्य में शुक्रवार को भगवान शांति नाथ विधान का शुभ एवं मंगलमय आयोजन भक्तिभाव से हुआ। विधान का संचालन दिल्ली से पधारे पंडित दीपक जैन शास्त्री द्वारा विधि-विधानपूर्वक किया गया। विमर्श उत्सव के प्रथम दिवस पर आचार्य श्री विमर्श सागर जी द्वारा प्रस्तुत आध्यात्मिक कवि सम्मेलन ने श्रद्धालु समाज को भाव-विभोर कर दिया। कवि सम्मेलन में बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों ने आध्यात्मिक अनुगूंज का भरपूर आनंद लिया। विधान में सौधर्म इंद्र की भूमिका राकेश जैन (एलआईसी) एवं संगीता जैन परिवार द्वारा तथा कुबेर की भूमिका महेश जैन एवं सुनीता जैन परिवार द्वारा निर्वाही गई।
शुक्रवार को शांतिधारा का सौभाग्य डॉ. राकेश जैन एवं अर्चना जैन परिवार द्वारा प्राप्त हुआ। पूरे आयोजन में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। विमर्श उत्सव के अंतर्गत आगे भी विविध आध्यात्मिक कार्यक्रम किए जाएंगे, जिनमें समाजजन बड़ी संख्या में भाग लेने की अपेक्षा रखते हैं। शनिवार को आचार्य भगवन का अवतरण दिवस भव्य रूप से मनाया जा रहा है, जिसमें भारत वर्ष से भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद की जा रही है।













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