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शनि अरिष्ट निवारक मुनि सुव्रतनाथ विधान : इच्छाएं कम हों तो सुख आ जाए-माताजी


आर्यिकारत्न 105 लक्ष्मी भूषण माताजी और स्वस्ति धाम प्रणेता 105 स्वस्ति भूषण माताजी के परम सानिध्य में शनि अरिष्ट निवारक मुनि सुव्रतनाथ विधान जवाहर गंज स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर, कस्टम रोड में पंडित राजेंद्र कुमार जैन मगरोनी वालों के सानिध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर माताजी के प्रवचन हुए। पढ़िए मनोज जैन की विशेष रिपोर्ट…


डबरा। आर्यिकारत्न 105 लक्ष्मी भूषण माताजी और स्वस्ति धाम प्रणेता 105 स्वस्ति भूषण माताजी के परम सानिध्य में शनि अरिष्ट निवारक मुनि सुव्रतनाथ विधान जवाहर गंज स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर, कस्टम रोड में पंडित राजेंद्र कुमार जैन मगरोनी वालों के सानिध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर माताजी ने प्रवचन में कहा कि शबरी जैसा सबर चाहिए। रोकी न चाह, निज शक्ति खोए, शिवालय निराकुलता न जोए। पुण्य खर्च होता है, आत्मा के भाव खर्च होते हैं पाप कर्म का बंध होता है। गाड़ी को पीछे ले जाएं या आगे पेट्रोल तो लगता है। भोग करो या धर्म, आत्मा ज्ञान का दर्शन कर सकती है तो खर्च होती है। इच्छाओं के कारण ही संसार में भागम भाग मची है। इच्छाएं कम हो जाएं तो सुख आए।

इच्छा पूरी होना जरूरी नहीं

उन्होंने कहा कि इच्छा कर सकते हैं, पूरी होना या ना होना भी आपके हाथ में है। सोचो और पूरा हो जाए, यह आवश्यक नहीं है। आपके हाथ में क्या है। हमारी चाह है गाड़ी आ जाये, हमारी चाह बढ़िया है। पुण्यात्मा किसे कहते हैं आप, जिसके पास में धन है, कोठी है, गाड़ी है, बंगला है, सोना-चांदी है। आप उसे सौभाग्यशाली मानते हैं। उसे देख कर अपने आपको पुण्य हीन मानते हैं या उससे ईर्ष्या करते हैं। इससे दो काम तो होते हैं। समता भाव नहीं होता, हमारा शरीर हमारे हिसाब से चलाना चाहते हैं। नहीं चलता, हमारे शरीर में बीमारी होती है। हम अच्छा करते हैं, बुरा हो जाता है खुद का ही, दूसरों का नहीं, तो अपनी इच्छाएं कंट्रोल में रखो, ताकि तुम भी सुखी रहो और तुम्हारे साथ रहने वाले सुखी रहना अकेले रहना सरल है पर सबके साथ रहना बड़ा कठिन है।

इन्हें मिला सौभाग्य

विधान में डबरा सकल जैन समाज पांचों मंदिर की समिति, सभी धर्म प्रेमी बंधुओं एवं सहयोगी संस्थाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विधान की बाद वात्सल्य भोज दिया गया और जिसमें मुनिसुव्रतनाथ विधान में सौधर्म इन्द्र राजेंद्र जैन डबरा इलेक्ट्रॉनिक्स, कुबेर इन्द्र जिनेन्द्र जैन, यज्ञ नायक कोमल चन्द्र जैन, ईशान इंद्र देवेंद्र जैन देवू, महेंद्र इन्द्र राजू जैन कपड़े वाले और अन्य इंद्र विमल जैन डायमंड, राहुल जैन डायमंड, प्रयाक जैन, संजय जैन, शीतल प्रसाद जैन, शीतल प्रसाद जैन पोस्ट आफिस, राजेंद्र प्रसाद जैन करहिया, नवीन जैन, प्रेमचंद्र जैन पम्मी, विवेक जैन, आदित्य जैन मोबाइल, विपिन जैन नमन मौजूद रहे। सौधर्म इंद्र को प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। चार अभिषेक, कलश देवेंद्र जैन डायमंड, प्रियांश जैन बर्तन, पवन जैन मामा, दीपक जैन नियोन ने चढ़ाए। शांति धारा का सौभाग्य उत्तम चंद, मुकेश कुमार, सुरेंद्र कुमार जैन के परिवार को प्राप्त हुआ। दूसरी शांतिधारा जिनेंद्र कुमार, अरविंद कुमार, राहुल जैन, मोहित जैन, प्रिंसी जैन धनोरिया परिवार को प्राप्त हुआ। मुख्य कलश त्रिशला देवी, अन्य चार कलश श्रीमती पुष्पा देवी, विनोद जैन मास्टर, रेनू जैन, अलका जैन को प्राप्त हुआ। अष्ट प्रतिहारय का सौभाग्य सुनीता जैन, रीना जैन, सीमा जैन, रानी जैन, भारतीय जैन पत्थर वाले, पूनम करहिया, मीना उत्तम चंद को प्राप्त हुआ। पंच मेरु का सौभाग्य लवी जैन, कैलाश चंद, अंजू राजू चौधरी, संध्या जैन अहमदाबाद, लता राहुल को प्राप्त हुआ। पाद प्रक्षालन का सौभाग्य उत्तम चंद, मुकेश कुमार, सुरेंद्र कुमार परिवार को प्राप्त हुआ। शास्त्र भेट का सौभाग्य वीरेंद्र कुमार, नरेश कुमार, हरीश कुमार चौधरी परिवार को प्राप्त हुआ। चित्र अनावरण कर्ता राजेंद्र जैन अध्यक्ष, मंत्री विजय कुमार जैन, महावीर दिगंबर जैन मंदिर समिति कोमल चंद, नरेश जैन राका ग्वालियर वीरेंद्र चौधरी, अरविंद जैन समस्त जैन समाज डबरा रहे। दीप प्रज्वलन कर्ता दिनेश कुमार, कैलाश चंद, सुरेश कुमार, शीतल प्रसाद, निर्मल कुमार जैन रजियार लख्मी चंद जैन, रामजी लाल, मुकेश जैन, सुरेंद्र जैन एसडीओ, भोजन प्रदाता रजियार परिवार, धनोरिया परिवार, कोमल चंद, उत्तम चंद, राजेंद्र प्रसाद, दिनेश कुमार जैन, सुरेश कुमार शीतल प्रसाद, डायमंड परिवार, आदित्य जैन आशू ,राकेश जैन पुजारी रहे।

इनका रहा सहयोग

जैन मिलन स्वतंत्र, जैन मिलन महिला, जैन मिलन आदिनाथ मंडल, दिगंबर सोशल ग्रुप, जैसवाल बहुमंडल, भक्तांबर मंडल, पुलक चेतना मंच ,राहुल मंडल और अन्य सहयोगी संस्थाओं ने इस कार्यक्रम को सबसे अधिक समय दिया। चौका व्यवस्था में दिनेश जैन, देबू जैन, राहुल जैन डायमंड, भोजन व्यवस्था में राजेन्द्र जैन पत्थर वाले, जीतू जैन बाबा, अनुज जैन, आदित्य जैन रॉकी,नितिन जैन लाला, विवेक जैन, पूजन व्यवस्था में अभि जैन, शुभम जैन, बिट्टू जैन, देबू जैन सुभाष जैन संत निवास का सहयोग रहा।

सेवाभावी जैन समाज

डबरा में मुनि महाराज बड़ा कोई संघ आता है तो अमित जैन, जीतू जैन, मोनू जैन रजियार परिवार हमेशा आगे आकर संतों की सेवा में तत्पर रहते हैं। महावीर दिगंबर जैन मंदिर का निर्माण कार्य सुचारू रूप से चल रहा है तथा मुनियों के रुकने और ठहरने की व्यवस्था हेतु संत निवास का भी कार्य प्रगति पर है, जिसमें जैन समाज डबरा बढ़-चढ़कर भाग ले रहा है। महावीर दिगंबर जैन मंदिर समिति के मंत्री विजय कुमार जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया और सभी के लिए पुण्य के अनुमोदना की।

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