जैन समाज के कर्मठ, सहज, सरल व्यक्तित्व के धनी वरिष्ठ समाजसेवी हंसमुख जैन गांधी को भारत सरकार के अल्पसंख्यक आयोग में सलाह देने हेतु सामुदायिक (कम्यूनिटी) नेताओं के पैनल में सम्मिलित किया गया है। भारत सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने हंसमुख जैन गांधी को इस आशय का पत्र जारी कर नियुक्ति प्रदान की है। पढ़िए राजेन्द्र जैन ‘महावीर’ की विशेष रिपोर्ट…
इंदौर। जैन समाज के कर्मठ, सहज, सरल व्यक्तित्व के धनी वरिष्ठ समाजसेवी हंसमुख जैन गांधी को भारत सरकार के अल्पसंख्यक आयोग में सलाह देने हेतु सामुदायिक (कम्यूनिटी) नेताओं के पैनल में सम्मिलित किया गया है। भारत सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने हंसमुख जैन गांधी को इस आशय का पत्र जारी कर नियुक्ति प्रदान की है। उल्लेखनीय है कि गांधी, विगत चार दशकों से समाजसेवा के कार्यों में संलग्न होकर अपने व्यापार व्यवसाय को शिखर पर पहुंचाने के साथ अनेकों संस्थाओं में अपनी ऊर्जावान सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
जैन युवा रत्न, उद्योगरत्न, भूमि निर्माण अवॉर्ड जैसी अनेकों उपाधियों से सम्मानित आपको देश के सभी आचार्यों-मुनिराजों, आर्यिका माताजी, भट्टारक स्वामीजी का आशीर्वाद प्राप्त है। जैन जगत के सबसे बड़े आयोजन गोम्मटेश्वर भगवान बाहुबली स्वामी महामस्तकाभिषेक में 1992, 2006, 2018 में आपने अनेकों जिम्मेदार पदों पर कार्य किया। साथ ही बावनगजा महामस्तकाभिषेक, कुण्डलपुर महोत्सव, हस्तिनापुर महोत्सव, मांगीतुंगी महामस्तकाभिषेक, जहाजपुर अतिशय क्षेत्र, पावागिरि ऊन सहित अनेक तीर्थों में आप सक्रिय पदाधिकारी होकर विकास कार्यों के प्रमुख सलाहकार भी हैं।
अनेकों सफल आयोजन किए
व्यावसायिक क्षेत्र में कोल्ड चेन इण्डस्ट्री एशोसिएशन के अध्यक्ष, इंदौर जिला उर्वरक संघ अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ कोल्ड स्टोरेज एसोशिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पद पर कार्य कर गांधी फर्टिलाइजर्स, गांधी कोल्ड स्टोरेज, इन्दौर फर्टिलाइजर्स का कुशल संचालन कर रहे हैं। दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष (2017-18), शाश्वत तीर्थ क्षेत्र कमेटी सम्मेदशिखर जी में आप राष्ट्रीय पदाधिकारी हैं। इंदौर दिगम्बर जैन समाज द्वारा एक वर्ष में आयोजित पांच से अधिक पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के अध्यक्ष के रूप में आपने अनेकों सफल आयोजन संपन्न किए हैं।
जैन तीर्थ यात्राओं में सर्वाधिक प्रचलित मार्गदर्शी पुस्तक जैन तीर्थ निर्देशिका के संपादक के रूप में आप स्थापित हैं। जिसकी नब्बे हजार प्रतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। अनेकों सम्मान के साथ कुशल वक्ता, कुशल संयोजक, जैन एकता के पक्षधर, पंथवाद – संतवाद – ग्रंथवाद से परे रहकर जिनागम की सेवा में हमेशा तत्पर रहने वाले हंसमुख जैन गांधी की इस उपलब्धि पर अनेक स्नेहीजनों ने उन्हें हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।













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