आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री सुयश सागर जी के दर्शन करने कोडरमा से 11 श्रद्धालु भक्तों का समूह इंदौर के लिए 21 जुलाई के रात में निकला। सभी यात्रियों ने बुधवार को इंदौर पहुंचकर मुनि श्री के चरणों में श्री फल अर्पित करते हुए कोडरमा आगमन का निवेदन किया। झुमरी तिलैया से पढ़िए, यह खबर…
झुमरीतिलैया। आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री सुयश सागर जी के दर्शन करने कोडरमा से 11 श्रद्धालु भक्तों का समूह इंदौर के लिए 21 जुलाई के रात में निकला। दल का नेतृत्व विकास खुशबू जैन सेठी कर रहे थे। सभी यात्री बुधवार को इंदौर पहुंचकर मुनि श्री के चरणों में श्री फल अर्पित करते हुए कोडरमा आगमन का निवेदन किया। इस दल को मुनि श्री सुयश सागर जी ने मंगल आशीर्वाद दिया और कहा कि संत का दर्शन करने से सातिशय पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने आगे कहा कि पुण्य के उदय में पुण्य का कार्य करने और गुरु दर्शन का भाव विरलों को होता है। कब पुण्य का स्टाक खत्म हो जाए और कब पाप का उदय हो जाए,पता नहीं।
इसलिए तीर्थयात्रा, गुरु दर्शन, दान आदि समय रहते कर लेना चाहिए। ये सौभाग्य पुण्यशाली लोग ही कर सकते हैं। इस वर्ष का मंगल चातुर्मास मुनि श्री का इंदौर नगरी में हो रहा है। इस यात्रा में विशेष रूप से अभिषेक शिखा जैन गंगवाल, विवेक प्रियंका जैन छाबड़ा आदि शामिल है। इनकी यात्रा को राजकुमार जैन राज अजमेरा, नवीन जैन, विजय जैन सेठी,सुबोध आशा जैन गंगवाल, विजय नीमा जैन छाबड़ा, मनीष, आदि समाज के लोगों ने यात्रा की बधाई दी।













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