मुरैना के बड़े जैन मंदिर में 24 अगस्त को आयोजित तीर्थंकर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में लगभग 250 साधर्मी बंधु, माताएँ, बहनें, युवा और बच्चे शामिल हुए। प्रतियोगिता मुनिराजों के सान्निध्य और निर्देशन में संपन्न हुई, जिसमें भूत, वर्तमान और भविष्य के तीर्थंकरों के जीवन और कृतित्व पर आधारित 100 प्रश्न पूछे गए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
मुरैना में धर्म के प्रति रुचि जागृत करने, ज्ञानार्जन और तीर्थंकरों के व्यक्तित्व से रूबरू कराने हेतु 24 अगस्त को बड़े जैन मंदिर में तीर्थंकर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
प्रतियोगिता के मुख्य संयोजक विद्वत नवनीत शास्त्री, संयोजक डॉ. मनोज जैन एवं विमल जैन बबलू के अनुसार यह आयोजन पूज्य आचार्यश्री आर्जवसागरजी महाराज के प्रभावक शिष्य मुनिश्री विलोकसागर जी महाराज एवं मुनिश्री विबोधसागर जी महाराज के पावन सान्निध्य और आशीर्वाद में सम्पन्न हुआ।
प्रतियोगिता में 08 वर्ष से लेकर 90 वर्ष तक के लगभग 250 साधर्मी बंधुओं, माताओं, बहिनों, युवा साथियों एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसे उम्र के अनुसार तीन चरणों में विभाजित किया गया।
प्रतियोगिता में 100 प्रश्न पूछे गए, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतियोगियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। 100 अंक प्राप्त करने वालों को चांदी की माला और 90 या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वालों को सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार पुण्यार्जक यतींद्रकुमार संजय रेखा जैन परिवार मुरैना एवं लालजीराम लखमीचंद जैन बानमौर की ओर से वितरित किए जाएंगे।
इनका रहा विशेष सहयोग
प्रतियोगिता के समय मुनिश्री विलोकसागरजी, मुनिश्री विबोधसागरजी और ब्रह्मचारी राहुल जैन गंज बासौदा उपस्थित होकर प्रतियोगियों को निर्देशन दे रहे थे। आयोजन के सफल संचालन में प्रेमचंद जैन वंदना साड़ी, वीरेंद्र जैन, विमल जैन बबलू, दिनेश जैन एडवोकेट, राकेश जैन शास्त्री, अनिल जैन गढ़ी, अनूप भंडारी, राकेश जैन बिचपुरी, युगल जैन और प्रशांत जैन का विशेष सहयोग रहा।













Add Comment