समाचार

पच्चखान देकर जन्मदिवस पर ली गुरु दक्षिणा : अजितनाथ भगवान का वासक्षेप, पंचामृत एवं औषधि से शक्रस्तव अभिषेक किया


साध्वी कुसुमलता श्रीजी मसा का जन्मदिवस 7 अगस्त (गुरुवार) को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। प्रातः 6 बजे श्रीसंघ द्वारा श्री अजितनाथ भगवान का वासक्षेप, पंचामृत एवं औषधि से शक्रस्तव अभिषेक किया गया। टांडा (धार) से पढ़िए, यह खबर…


टांडा (धार)। नगर में तत्वचिंतन चातुर्मास उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हो रहा है। इस चातुर्मास में श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीजी महाराजसा के पट्टधर, विशाल गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीजी महाराजसा तथा आचार्य जय रत्न सूरीजी महाराजसा की आज्ञानुवर्ती, पूज्य साध्वी तत्वलता श्रीजी आदि ठाणा 4 का चातुर्मास चल रहा है। इस क्रम में पूज्य साध्वी स्नेहलता श्रीजी की शिष्या साध्वी कुसुमलता श्रीजी मसा का जन्मदिवस 7 अगस्त (गुरुवार) को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। प्रातः 6 बजे श्रीसंघ द्वारा श्री अजितनाथ भगवान का वासक्षेप, पंचामृत एवं औषधि से शक्रस्तव अभिषेक किया गया। अभिषेक का लाभ मनोज कुमार कांतिलाल डूंगरवाल परिवार ने लिया। इसके पश्चात महिलाएं जय जयकार के साथ साध्वीजी को उपाश्रय लेकर आईं। संतोष कुमार उम्मेदमल बाफना परिवार द्वारा अक्षत से एवं सुरेश कुमार शांतिलाल कोठारी परिवार द्वारा केसर के छींटों से बधामना की गई। इस अवसर पर पूज्य गुरुणी तत्वलता श्रीजी ने अपनी शिष्या साध्वी कुसुमलता श्रीजी की दीक्षा एवं उनके 22 वर्षों के संयम जीवन पर प्रकाश डाला।

साध्वी कुसुमलता श्रीजी ने प्रवचन में टांडा संघ की धर्मललक की प्रशंसा की और कहा कि चातुर्मास के प्रारंभ से ही यहाँ विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है, विशेषकर तपस्या के प्रति। साध्वीजी ने गुरु दक्षिणा के रूप में संघ के सदस्यों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक स्वाध्याय करें एवं धर्ममार्ग पर चलें। आपने मंदिर विधि, अष्टप्रकारी पूजन, दोहे, प्रतिक्रमण सूत्र आदि को कंठस्थ करने के लिए पच्चखान दिए। दोपहर में महिलाओं द्वारा सामूहिक सामायिक की गई।

इस अवसर पर आराधना भवन को भव्य रूप से सजाया गया था। कार्यक्रम का संचालन निर्मल श्रीश्रीमाल ने किया। लड्डू की प्रभावना मनोज कुमार कांतिलाल डूंगरवाल परिवार ने वितरित की। प्रवचन की प्रभावना सुगनबाई श्रावक रत्न रतनलाल श्रीश्रीमाल परिवार ने लाभ लिया।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page