फागी नगर में भगवान ऋषभदेव जन्मभूमि अयोध्या तीर्थ प्रभावना रथ का गाजे-बाजे के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। यह रथ राजस्थान के विभिन्न नगरों में धर्म की प्रभावना बढ़ाता हुआ मदनगंज किशनगढ़, निवाई, चाकसू, डाबिच, माधोराजपुरा होता हुआ आज फागी कस्बे की सीमा में पहुंचा, जहां पर बैंड-बाजों द्वारा जयकारों के साथ सकल जैन समाज ने भव्य आगवानी कर आगंतुकों को पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में ठहराया। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…
फागी। नगर में भगवान ऋषभदेव जन्मभूमि अयोध्या तीर्थ प्रभावना रथ का गाजे-बाजे के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। कार्यक्रम में जैन महासभा के प्रतिनिधि राजाबाबू गोधा ने बताया कि यह रथ राजस्थान के विभिन्न नगरों में धर्म की प्रभावना बढ़ाता हुआ मदनगंज किशनगढ़, निवाई, चाकसू, डाबिच, माधोराजपुरा होता हुआ आज फागी कस्बे की सीमा में पहुंचा, जहां पर बैंड-बाजों द्वारा जयकारों के साथ सकल जैन समाज ने भव्य आगवानी कर आगंतुकों को पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में ठहराया। कार्यक्रम में आर्यिका श्रुतमति माताजी, आर्यिका सुबोध मति माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में सकल जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी गणिनी प्रमुख आर्यिका शिरोमणि ज्ञानमती माताजी द्वारा तीर्थंकर ऋषभदेव, अजित नाथ, अभिनंदन नाथ, सुमतिनाथ एवं अनन्तनाथ आदि पांच तीर्थंकरों की जन्म भूमि शाश्वत तीर्थ अयोध्या से प्रवर्तित अयोध्या जैन तीर्थ प्रभावना रथ की शोभायात्रा सकल जैन समाज की अगुवाई में कस्बे के पार्श्वनाथ चैत्यालय से बैंड- बाजों के द्वारा नगर भ्रमण करती हुई। चंद्रपुरी जिनालय तक निकाली गई।
इन्हें मिला सौभाग्य
कार्यक्रम में राजबाबू गोधा ने बताया कि इससे पूर्व बोलियों के माध्यम से सौधर्म इन्द्र राजेंद्र कुमार- आशा देवी, जीतू कुमार मोदी ने बनकर पुण्य लाभ प्राप्त किया तथा महावीर कुमार- मुन्नी देवी, मनीष -लीनू अजमेरा, राजेंद्र कुमार, विमल कुमार, कमलेश कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से कुबेर इन्द्र बनने का सौभाग्य प्राप्त किया तथा इन्हीं दोनों परिवारों ने श्रीजी की महाआरती करने का सौभाग्य भी प्राप्त कर धर्म लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम में राजकुमार, राकेश कुमार, ललित कुमार मोदी परिवार ने श्रीजी का प्रथम पालना झुलाने का सौभाग्य प्राप्त कर अक्षय पुण्यार्जन प्राप्त किया।
निकाली भव्य शोभायात्रा
कार्यक्रम में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की प्रतिमा युक्त सुसज्जित रथ में बैठे इंद्र- इंद्राणियां एवं समाज के श्रावक -श्राविकाएं, युवक -युवतियां विभिन्न भजनों की धुनों पर देश की सर्वोच्च साध्वी गणिनी प्रमुख आर्यिका ज्ञानमति माताजी के सामूहिक रूप से जयकारों के साथ नाचते गाते चल रहे थे। शोभायात्रा में श्रावक श्रीजी के रथ पर जगह- जगह फूलों की बरसात कर रहे थे। श्रावकों ने जगह- जगह श्रीजी की आरती उतारकर न्योछावर राशि भेंट कर श्रीजी का पालना झुलाने का सौभाग्य प्राप्त किया। कार्यक्रम में कुबेर इन्द्रों द्वारा जगह- जगह रत्नों की बौछार की जा रही थी। आर्यिका संघ के पावन सानिध्य उक्त शोभायात्रा का पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर पर विसर्जन हुआ।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में भामाशाह सुनिल पंसारी जयपुर, समाज सेवी सोहनलाल झंडा, केलास कासलीवाल, सुरेश सांघी, अग्रवाल समाज के अध्यक्ष महावीर झंडा, सरावगी समाज के अध्यक्ष महावीर अजमेरा, पं. संतोष बजाज, केलास कड़ीला, महावीर मोदी, टीकम गिंदोडी, धर्म चंद पीपलू, महेंद्र गोधा, सीताराम कलवाडा, सुरेश डेठानी, भागचंद कासलीवाल, विरेन्द्र दोषी, पवन गंगवाल, त्रिलोक चंद -प्यार चंद पीपलू, विमल कलवाडा, विनोद मोदी,पारस मोदी, विकास पहाड़िया, मंदिर समिति के महामंत्री कमलेश चोधरी, मनीष गोधा, त्रिलोक पीपलू, मितेश लदाना,टीनू झंडा तथा राजाबाबू सहित सभी श्रावक-श्राविकाएं मौजूद थे। सभी कार्यक्रम अयोध्या से पधारे प्रतिष्ठाचार्य अकलंक जैन के दिशा-निर्देश में विभिन्न मंत्रोचारणों के द्वारा सम्पन्न हुए।













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