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पिच्छिका निकालती है संसार के दलदल से पूज्य मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज: ससंघ का चातुर्मास कलश निष्ठापन एवं पिच्छिका परिवर्तन समारोह सम्पन्न 


संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज, मुनि श्री निस्वार्थ सागर जी, मुनि श्री निसर्ग सागर जी एवं क्षुल्लक श्री हीरक सागर जी महाराज ससंघ का भव्य पिच्छिका परिवर्तन समारोह 3 नवंबर, 2024 को दलाल बाग, छत्रपति नगर, इंदौर में आयोजित हुआ। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…


इंदौर। संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज, मुनि श्री निस्वार्थ सागर जी, मुनि श्री निसर्ग सागर जी एवं क्षुल्लक श्री हीरक सागर जी महाराज ससंघ का भव्य पिच्छिका परिवर्तन समारोह 3 नवंबर, 2024 को दलाल बाग, छत्रपति नगर, इंदौर में आयोजित हुआ। दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद, इंदौर के प्रचार प्रमुख सतीश जैन ने बताया कि मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज को पिच्छी देने का सौभाग्य सुरेश जैन, महावीर जैन, आलोक जैन और मनीष जैन को प्राप्त हुआ। उनकी पुरानी पिच्छी लेने का सौभाग्य सतीश डबडेरा परिवार को प्राप्त हुआ। मुनिश्री निस्वार्थ सागर जी महाराज को पिच्छी देने का सौभाग्य पवन जैन, विदिशा को प्राप्त हुआ, जबकि पुरानी पिच्छी लेने का सौभाग्य सचिन जैन को मिला।

मुनि श्री निसर्ग जी महाराज को पिच्छी देने का सौभाग्य अभिषेक जैन और पुरानी पिच्छी लेने का सौभाग्य शैलेंद्र और वर्षा जैन को प्राप्त हुआ। चातुर्मास समापन पर सभी कलश पुण्यार्जकों को उनके कलश दिए गए, जिनमें प्रमुख रूप से मनोज – कल्पना बाकलीवाल, सतीश डबडेरा परिवार, विशाल जैन, मनीष – सपना गोधा, सुधीर – सुनील बिलाला, राजेंद्र जैन वास्तु, इंजीनियर अजीत जैन आदि शामिल थे।

सुंदर पिच्छी संत की पहचान

कार्यक्रम में आचार्य उदय सागर जी महाराज भी ससंघ पधारे। उन्होंने कहा कि संयम का उपकरण मुनियों को भेंट करने का सौभाग्य चारित्र और नियम को धारण करने वाले को ही प्राप्त होता है। जो मोर पिच्छिका का भेंट करते हैं या लेते हैं, वह पिच्छिका उनके पीछे पड़ जाती है और एक दिन वे भी इसे लेकर मुनि बन जाते हैं, इस संसार के दलदल से निकल जाते हैं। भगवान महावीर स्वामी 2500 वर्ष पूर्व जितने महत्वपूर्ण थे, आज भी उनकी उतनी ही आवश्यकता है। मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने कहा कि ये सभी पिच्छिका आर्यिका दृढ़ माताजी के संघ ने बनाकर यहां भेजी हैं। मैं इनको लेने वाले, देने वाले, सजाने वाले सभी श्रावकों को साधुवाद देता हूं। मैं आचार्य उदय सागर जी महाराज ससंघ को भी बहुत-बहुत साधुवाद देता हूं जिन्होंने यहां आकर कार्यक्रम को गौरवमयी बना दिया। मुनि श्री निस्वार्थ सागर जी महाराज ने कहा कि सुंदर पिच्छी संत की पहचान होती है, जिससे वह अपने जीवनकाल में हजारों-लाखों जीवों की रक्षा करता है।

ये भी रहे मौजूद

कार्यक्रम में रेवती रेंज स्थित गौशाला को पूरी तरह से संभालने के लिए अनिल रावत का भी सम्मान किया गया। चातुर्मास कमेटी के मनीष नायक, सचिन जैन, आनंद जैन, भूपेंद्र जैन, रितेश जैन, भरतेश बड़कुल आदि ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के अध्यक्ष राजकुमार पाटोदी, फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश विनायका, सतीश जैन, ब्रह्मचारी अनिल भैया जी, सुनील भैया जी, तरुण भैया जी, राकेश सिंघई, हंसमुख गांधी, प्रदीप भल्ला के साथ ही आश्रम के ब्रह्मचारी भैया जी और बहने बड़ी संख्या में मौजूद थे। आचार्य श्री जी के चित्र का अनावरण इंजीनियर श्री पी सी जैन परिवार, नगर निगम इंदौर द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में नंदा नगर सेतवाल समाज के महिला मंडल ने मंगलाचरण नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन अनुराग जैन ने किया।

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