हर वर्ष की भांति, इस वर्ष भी सुखोदय तीर्थ नसियाजी में भव्य निर्वाण महोत्सव का आयोजन किया गया। प्रातः आदिनाथ मंदिर में विशेष शांति धारा अभिषेक के बाद, बैंड-बाजों के साथ श्रीजी को पालकी में विराजमान कर विशाल जनसमूह के साथ सुखोदय तीर्थ लाया गया। यहां पर गंगनोटी में विराजमान कर अभिषेक किया गया। पढ़िए सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट…
नौगामा। हर वर्ष की भांति, इस वर्ष भी सुखोदय तीर्थ नसियाजी में भव्य निर्वाण महोत्सव का आयोजन किया गया। प्रातः आदिनाथ मंदिर में विशेष शांति धारा अभिषेक के बाद, बैंड-बाजों के साथ श्रीजी को पालकी में विराजमान कर विशाल जनसमूह के साथ सुखोदय तीर्थ लाया गया। यहां पर गंगनोटी में विराजमान कर अभिषेक किया गया। ब्रह्मचारी विजय भैया, पंडित रमेश चंद्र गांधी, के वीणा दीदी और प्रियंका दीदी के निर्देशन में मंगलाचरण के पश्चात ध्वजारोहण की क्रियाएं संपन्न हुईं। ध्वजारोहण का पहला सौभाग्य गांधी मयूर अजीत कुमार को प्राप्त हुआ। इसके बाद माताजी का आगमन हुआ और माता जी की सानिध्य में सम्मेद शिखर विधान की पूजन की गई।
पूजन के पश्चात विधान के 62 अर्घ्य चढ़ाए गए। इस अवसर पर सुखोदय में स्थित 24 टोक पर नवीन रजत मय धर्म ध्वजा चढ़ाई गई, और मनस्तंभ एवं महावीर भगवान की प्रतिमा, मुख्य मंदिर, और सात गुफाओं में लाडू चढ़ाए गए। लाडू चढ़ाने का पहला सौभाग्य विरोदय कमेटी के अध्यक्ष पिंडारमिया मोहनलाल छगनलाल को प्राप्त हुआ। इस पावन अवसर पर वात्सल्य भोज के प्रदाता कवि उत्सव गांधी परिवार रहे। विधान के अंतराल में आगामी दिनों में होने वाले सर्वतो भद्र विधान की बोलियां लगाई गईं, जिसमें चक्रवर्ती, सोधर्म इंद्र, भरत-बाहुबली, कुबेर इंद्र, ईशान इंद्र, अष्ट कुमारिया, लोकांतिक देव आदि की बोलियां विभिन्न वाद्य यंत्रों के मधुर स्वर के साथ गायक राजेश जैन और उनकी पार्टी के भजनों के साथ प्रस्तुत की गईं।
ज्ञात हो कि 9 नवंबर से 19 नवंबर तक सर्वतोभद्र विधान नोगामा नगर में आयोजित किया जा रहा है एवं 18 नवंबर को पिच्छी परिवर्तन का कार्यक्रम रखा गया है। उ













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