आचार्य श्री पुष्पदंत सागर महाराज के शिष्य आचार्य श्री सौरभ सागर महाराज ससंघ आगरा के जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से मंगल विहार करते हुए हरीपर्वत स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर अहिंसा चौक में भव्य शोभायात्रा के साथ मंगल प्रवेश हुआ। पढ़िए शुभम जैन की रिपोर्ट…
आगरा। आचार्य श्री पुष्पदंत सागर महाराज के शिष्य आचार्य श्री सौरभ सागर महाराज ससंघ आगरा के जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से मंगल विहार करते हुए हरीपर्वत स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर अहिंसा चौक में भव्य शोभायात्रा के साथ मंगल प्रवेश हुआ। बड़ी संख्या में भक्तों ने आचार्यश्री सौरभसागर महाराज के चरणों का पादप्रक्षालन कर भव्य अगवानी की। मंगल प्रवेश के बाद आचार्यश्री ने मन्दिर में विराजमान मूलनायक श्री शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा के दर्शन किए। इस दौरान ज्ञानोदय क्लब के सदस्यों ने अष्ट द्रव्य के साथ आचार्यश्री का पूजन किया। इसके बाद आध्यात्मिक ज्ञान संस्कार शिक्षण शिविर का उद्घाटन विधानाचार्य राकेश जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में विमल मारसंस एवं जिनवाणी चैनल के सीएमडी नीरज जैन,राजेश जैन कारपेट, द्वारा मानस्तंभ के समक्ष ध्वजारोहण की पूर्ण क्रियाओं के साथ किया।

मंगलवाणी का मिला अवसर
ध्वजारोहण के बाद सौभाग्यशाली भक्तों ने भगवान महावीर स्वामी के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्जवलन किया। साथ ही आगरा सकल जैन समाज ने आचार्यश्री के चरणों में श्रीफल भेंटकर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर भक्तों को आचार्य श्री की मंगलवाणी श्रवण करने का अवसर प्राप्त हुआ। मंच का संचालन मनोज बाकलीवाल ने किया। मंगल प्रवेश के दौरान शशि पाटनी के कलाकारों ने संगीत स्वरों की प्रस्तुत दी। मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने बताया कि आचार्य श्री सौरभ सागर महाराज के मंगल सानिध्य में एवं आगरा दिगंबर जैन परिषद के बैनर तले श्री शातिनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर हरीपर्वत में छह मई से आध्यात्मिक ज्ञान संस्कार शिक्षण शिविर का आयोजन सुबह आठ बजे से दस बजे तक किया जाएगा। इस मौके पर आगरा दिगम्बर जैन परिषद के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, सुनील जैन ठेकेदार, राकेश जैन,पर्देवाले जितेन्द्र जैन, अशोक जैन, हीरालाल बैनाड़ा, पारसबाबू जैन, मनोज जैन बाकलीवाल, राजेन्द्र जैन एडवोकेट, विमल जैन, मदनलाल बैनाड़ा, राकेश जैन पार्षद, मीडिया प्रभारी शुभम जैन, सतीश जैन, सत्येन्द्र जैन, महिपाल जैन, पवन जैन,समस्त समग्र जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।













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