जयपुर के गायत्री नगर में दिगंबर जैन मंदिर में 10 अगस्त से 48 दिवसीय भक्तामर पाठ का शुभारंभ हुआ। मुनि श्री पावन सागर जी महाराज के सान्निध्य में यह आयोजन दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुआ। पढ़िए उदयभान जैन की खास रिपोर्ट…
जयपुर। परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री पावन सागर जी महाराज (जंगल वाले बाबा) एवं मुनि श्री सुभद्र सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में दिगंबर जैन मंदिर गायत्री नगर, महारानी फार्म में 10 अगस्त रात्रि 8 बजे 48 दिवसीय भक्तामर पाठ का दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुभारंभ हुआ। यह आयोजन मंदिर प्रबंध समिति द्वारा सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि मुनि श्री पावन सागर जी महाराज ने प्रातः अभिषेक, शांति धारा और सम्यक दृष्टि पर मंगल प्रवचन दिया। तत्पश्चात 15वीं चेतन तीर्थ यात्रा के श्रद्धालुओं ने मुनि श्री के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
दर्शन विशुद्धि पर सारगर्भित प्रवचन
संयोजिका अनिता बड़जात्या, डॉ. अनीता जैन, विमला जैन, ज्योति जैन ने मुनि श्री को श्रीफल अर्पित कर मंगल सान्निध्य का निवेदन किया। भक्तामर पाठ के आठवें वर्ष में मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा, उपाध्यक्ष अरुण शाह, मंत्री राजेश बोहरा, बसंत बाकलीवाल, अशोक पापड़ीवाल समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह पाठ 27 सितंबर तक चलेगा, जिसमें ऋद्धि-सिद्धि मंत्रों का जाप, दीप अर्चना और भक्तिभाव के साथ श्रद्धालु भाग लेंगे। संचालन उदयभान जैन द्वारा किया जा रहा है। रात्रि 9 बजे विधानाचार्य पंडित अजित शास्त्री ने ‘सोलह कारण भावनाओं’ की प्रथम भावना दर्शन विशुद्धि पर सारगर्भित प्रवचन दिया। इस कार्यक्रम से स्थानीय जैन समाज में धार्मिक उमंग और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है।













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