हाल में 10 वीं और 12 वीं के परिणाम जारी हुए हैं, इसमें समाज के बहुत से छात्र-छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन किया है। सभी के उज्जल भविष्य की कामना की जाती है, लेकिन जिन छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन आशाजनक नहीं रहा, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं, बल्कि इससे सफलता की प्रथम सीढ़ी मानते हुए आगे की लिए सही रणनीति बनाएं। रोजाना छोटे-छोटे लक्ष्यों को पूरा करें। आज हम आपको 5 ऐसे मूलमंत्र बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप निश्चित रूप से सफलता का पतका लहराएंगे। आइए जानते हैं इनके बारे में…
1. छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं –
सिलेबस को छोटे-छोटे भाग में बांट कर तैयारी करें। रोजाना छोटा-छोटा टारगेट सेट करें। हर विषय को अपनी क्षमताओं, कमजोरियों और टॉपिक की समस्या के अनुसार समय दें। कई बार उन विषयों छात्र उन विषयों को तो अधिक समय देते हैं, जो उन्हें पसंद होते हैं, लेकिन वे विषय जिनमें उनकी रुचि कम होती है, उसे बहुत कम समय देते हैं। देखा जाए तो कई बार ये विषय ही परिणाम को प्रभावित कर देते हैं। इसलिए हर विषय का अध्ययन समय निर्धारित करके आप सभी विषयों को नियमित पर्याप्त समय दे सकते हैं।
2. रटे नहीं, समझें-
किसी विषय को रटने के बजाय उसे विवरण के साथ समझना चाहिए। इससे आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा, साथ ही सवाल यदि सीधा न पूछा गया तो भी आप अपनी समझ के अनुसार बेहतर जवाब दे सकते हैं। साथ ही यह भी आदत बनाएं कि आप जो टॉपिक पढ़ रहे हैं, उसके बाद यह विचार अवश्य करें कि उस टॉपिक में से कौन-कौन से प्रश्न तैयार हो सकते हैं। इस तरह विषय में आपकी रुचि एवं अध्ययन के दौरान सक्रियता बढ़ेगी।
3. नियमित नोट्स बनाना जरूरी
कुछ विद्यार्थियों को नोट्स बनाना पसंद नहीं होता, उन्हें लगता है लिखने में वे अपना जितना समय बर्बाद करेंगे, उतने में तो वह अन्य टॉपिक तैयार कर सकते हैं। लेकिन यह आदत गलत है। देखा जाए तो जब आप किसी कठिन विषय को पॉइंट्स बनाकर या चित्र बनाकर समझने हैं तो वह टॉपिक आपकी स्मृति में सेट हो जाएगा। अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए आप अभ्यास की समस्याओं के लिए फ्लैशकार्ड और तस्वीरों की मदद लें।
4. अभ्यास से बढ़ेगा आत्मविश्वास
आप जो भी कुछ पढ़ रहे हैं, उसका अगले दिन नया टॉपिक पढऩे से पहले अभ्यास करें। इसलिए बार-बार अभ्यास करना जरूरी है। इससे आत्मविश्वास मजबूत होगा और विषय पर पकड़ भी बनेगी। नियमित अभ्यास के दौरान प्रश्नों को हल करने का तरीका ऐसा होना जैसे आप परीक्षा हॉल में प्रश्न पत्र हल कर रहे हों। इससे आपको परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन में मदद मिलेगी।
5. समय-समय पर करें तैयारी का आकलन
पूर्व के प्रश्न पत्रों, अभ्यास प्रश्न और मॉक टेस्ट के माध्यम से आप अपनी तैयारी का आकलन कर सकते हैं। इससे आपको यह पता चलेगा कि आपकी तैयारी कैसी है। पुराने प्रश्न पत्र और मॉक टेस्ट के लिए आप ऑनलाइन अभ्यास भी कर सकते हैं। अपनी तैयारी का आकलन करने के लिए एक डायरी बनाएं और हर टेस्ट के बाद उसमें अपनी परफॉरमेंस दर्ज करें।













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