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णमोकार महामंत्र की महिमा को समझाया : णमोकार महामंत्र जैन धर्म में सबसे बड़ा मूल मंत्र – मुनि श्री प्रतीकसागर जी महाराज


कमलानगर स्थित श्री महावीर दिगम्बर जैन मन्दिर के संत निलय में गणाचार्य श्री पुष्पदंतसागर जी महाराज के शिष्य क्रांतिवीर मुनिश्री प्रतीकसागर जी महाराज के मुखारविंद से जैन दर्शन का सरल भाषा में अलौकिक ज्ञान के लिए जैन दर्शन प्रारम्भिक ज्ञान शिक्षण शिविर का आयोजन हो रहा है। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…


आगरा। कमलानगर स्थित श्री महावीर दिगम्बर जैन मन्दिर के संत निलय में गणाचार्य श्री पुष्पदंतसागर जी महाराज के शिष्य क्रांतिवीर मुनिश्री प्रतीकसागर जी महाराज के मुखारविंद से जैन दर्शन का सरल भाषा में अलौकिक ज्ञान के लिए जैन दर्शन प्रारम्भिक ज्ञान शिक्षण शिविर का आयोजन हो रहा है। शिविर के दूसरे दिन का शुभारंभ सौभाग्यशाली भक्तों ने भगवान महावीर स्वामी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया। शशि जैन पाटनी ने संगीतमय भक्ति गीत पर मंगलाचरण किया। शिविर के मध्य में मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज ने धर्मसभा में शिविरार्थियों को सम्बोधित करते हुए णमोकार महामंत्र की महिमा को समझाया। उन्होंने कहा कि णमोकार महामंत्र जैन धर्म में सबसे बड़ा मूल मंत्र है|

इस दौरान सौभाग्यशाली भक्तों ने मुनिश्री का पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंटकर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। शिविर का संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने किया। इस अवसर पर मुख्य संयोजक जगदीश प्रसाद जैन, प्रदीप जैन पीएनसी, मनोज जैन बाकलीवाल, अनिल रईस, नरेश जैन, अनिल जैन, महेश जैन, समकित जैन, हरीश जैन सहित समस्त कमला नगर जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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