रविवार की बेला में दिखा जब आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर जी महाराज का मंगल विहार तनोडिया से पॉलिटेक्निक कॉलेज के लिए चल रहा था। इस बीच मूक तिर्यच प्राणी कुत्ता गुरुदेव के चरणों में आया और सेवा में समर्पित हो गया। आचार्य श्रीएवं समस्त संघ ने अपना आशीर्वाद भी प्रदान किया। आचार्य श्री का मंगल विहार इंदौर से उज्जैन होते हुए रामगंजमंडी के लिए हो रहा है। जहां वर्षा योग 2025 होगा। रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर…
तनोदिया। दिगंबर संत साधना का जीवंत प्रमाण है। उनके लिए उनके लिए आकाश ओढ़न है, धरती बिछोना है। तपती धूप हो, भीषण सर्दी हो, बस राग रंग से परे होकर बस अपनी साधना करना निर्माेहिता निष्प्रहता इनमें होती है। हर कोई जीव उनका आशीष पाता है एवं सेवा में तत्पर हो जाता है। मूक प्राणी भी उनका आशीष वात्सल्य को पाकर अपने को धन्य मानता है। ऐसा ही पल रविवार की बेला में दिखा जब आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर जी महाराज का मंगल विहार तनोडिया से पॉलिटेक्निक कॉलेज के लिए चल रहा था। इस बीच मूक तिर्यच प्राणी कुत्ता गुरुदेव के चरणों में आया और सेवा में समर्पित हो गया।
ऐसा लगा जैसे सबकुछ उसने गुरुदेव को समर्पित कर दिया हो और गुरुदेव के मंगल विहार में चलता रहा। आचार्य श्रीएवं समस्त संघ ने अपना आशीर्वाद भी प्रदान किया। आचार्य श्री का मंगल विहार इंदौर से उज्जैन होते हुए रामगंजमंडी के लिए हो रहा है। जहां वर्षा योग 2025 होगा। आचार्य श्री के मंगल विहार में ऋषभ जैन, मुकेश जैन, प्रदीप जैन गर्ग, नितिन जैन सबदरा शामिल रहे।













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