धर्म रक्षा समिति द्वारा चुनावों में जैन समाज की भूमिका एवं तीर्थों व संतों की रक्षा जैसे विषय पर एक बड़ी बैठक आदिनाथ बाग, रामचंद्र नगर में संपन्न हुई। जैन समाज के तीर्थों पर पिछले 10 वर्षो में कब्जे के प्रयासों की घटनाएं व संतों पर हमलों की घटनाओं पर चिंतित समाज की चुनाव में भूमिका क्या हो, इस पर विभिन्न संगठनों, प्रमुखों ने अपनी बात रखी। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की यह विशेष रिपोर्ट…
इंदौर। धर्म रक्षा समिति द्वारा चुनावों में जैन समाज की भूमिका एवं तीर्थों व संतों की रक्षा जैसे विषय पर एक बड़ी बैठक आदिनाथ बाग, रामचंद्र नगर में संपन्न हुई। जैन समाज के तीर्थों पर पिछले 10 वर्षो में कब्जे के प्रयासों की घटनाएं व संतों पर हमलों की घटनाओं पर चिंतित समाज की चुनाव में भूमिका क्या हो, इस पर विभिन्न संगठनों, प्रमुखों ने अपनी बात रखी। मनीष अजमेरा, संजय बाकलीवाल के आह्वान पर सुनील गोधा व मामा कैलाश अजमेरा के सह संयोजन में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि एक तरफ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जोड़ने वाली विचार धारा है तो दूसरी ओर गोडसे की तोड़ने वाली विचार धारा। पिछले 70 वर्षों में एक ओर जिस पार्टी ने समाज को देने का काम किया, वहीं पिछले 10 वर्षों में जैन समाज के तीर्थों पर वर्तमान सत्ता धारी पार्टी द्वारा कब्जे के प्रयासों को संरक्षण दिया जा रहा है। समाज के सामने यह महत्वपूर्ण प्रश्न है कि संल्लेखना, मयूर पिच्छी पर रोक और स्वच्छता के नाम पर संतों की शौच की प्रक्रिया पर रोक लगाने जैसे षड्यंत्र इन 10 वर्षों में किस सत्ता के चलते रचे गए हैं।
धर्म की रक्षा सर्वोपरि
तीर्थ राज सम्मेद शिखर को पर्यटक स्थल बनाने, गिरनार पर कब्जे और गिरनार पर्वत के विकास के नाम पर करोड़ों की घोषणा, पर्वत का नाम गिरनार पर्वत से बदलने का षड्यंत्र सत्ताधारी पार्टी द्वारा ही किया गया है। पिछले 70 वर्षो में कभी किसी तीर्थ पर कब्जा नहीं हुआ। कांग्रेस ने जैन समाज को कई शीर्ष नेतृत्व दिए। प्रकाशचंद सेठी, मिश्रीलाल गंगवाल, ललित जैन, बाबूलाल पाटोदी जैसे नेतृत्व कर्ता रहे। विधानसभा, नगर निगम चुनावों में भी सर्वाधिक रूप से कांग्रेस ने ही जैन समाज को प्रतिनिधित्व हमेशा दिया है। इस बार भी सर्वाधिक रूप से दिया है। ऐसे में समाज के सामने धर्म और संस्कृति की रक्षा का प्रश्न सर्वोपरि है। समाज के संत आचार्य विद्या सागर जी, सुधा सागरजी, पुलक सागर जी जैसे संतों की मुखर वाणी भी इस बात की ओर इंगित कर रही है कि अपने धर्म, तीर्थ और श्रमण संस्कृति की रक्षा के लिए समाज को चिंतन कर सही फैसला लेना चाहिए।
बैठक में पहुंचे संजय शुक्ला
बैठक में विधानसभा एक के कांग्रेस प्रत्याशी संजय शुक्ला भी पहुंचे और समाज जनों से संवाद भी किया। इस अवसर पर संजय शुक्ला ने कहा कि तीर्थों की सुरक्षा और संतों की सुरक्षा हमेशा कांग्रेस की प्राथमिकता रही है और मैं दृढ़ संकल्पित हूं कि प्रत्येक धर्म, जाति के तीर्थ की पवित्रता बनी रहे। तीर्थों और संतों की रक्षार्थ कांग्रेस की रीति नीति रही है। राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार ने जैन बोर्ड की सौगात जैन समाज को दी है। मध्यप्रदेश में भी जैन बोर्ड का गठन किया जाएगा।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर प्रमुख रूप से शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विनय बाकलीवाल, दिगंबर जैन समाज समाजिक सांसद के शिरोमणि संरक्षक एम के जैन, मंत्री डॉ. जैनेन्द्र जैन, पूर्व पार्षद सुरेश मिंडा, पवन जैन, राखी राकेश वर्मा, संजय जैन, राजेश जैन दद्दू, अशोक पाटोदी, राजमल जैन, प्रकाश सेठी, महावीर झांझरी, जुंबिश अजमेरा, राजेंद्र बड़जात्या, निमित अजमेरा, हेमंत जैन (बिजनेस दर्पण ), राजेंद्र सोनी, देवेंद्र पाटनी, राजेश पी सी जैन, वीरेंद्र बड़जात्या, प्रवेश सेठी, मनीष पाटोदी, गोलू जैन, टोनी गंगवाल, कमलेश बड़जात्या, सुनील पहाड़िया, भरत गोधा, राहुल बड़जात्या, अश्विन पतंग्या, प्रकाश बड़जात्या, मनोज जैन, अजीत छाबड़ा, राजेश जैन अज्जू , पदम बाकलीवाल, निलेश सेठी, मुकेश गोधा, जीतू बड़जात्या, मधुर जैन, अनिल जैन, नीता जैन, दीपाली अजमेरा, मनोरमा अजमेरा, रश्मि गोधा, आंचल पाटोदी, उषा जैन, पुष्पा सोनी, विनिता छाबड़ा, मनीष जैन सीए, नीरज जैन, जीतू पाटोदी, कमल जैन चैलेंजर, सुकुमाल जैन, महिपाल बक्षी, नवीन गंगवाल, नवीन पाटनी, संजय जैन, कमलेश बड़जात्या, विनीत गोधा, नितेश पाटोदी सहित बड़ी संख्या में समग्र जैन समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभा का संचालन मनीष अजमेरा ने किया। आभार मामा कैलाश अजमेरा ने व्यक्त किया।













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