स्थानीय फैंसी बाजार स्थित भगवान महावीर धर्मस्थल में चल रहे श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के चौथे दिन आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि एक बार आप टांग खींचने की बजाए किसी का हाथ थामने का प्रयास करो। वह तुम्हें गले से लगा लेगा और हमेशा-हमेशा के लिए अपना बना लेगा। पढ़िए सुनील सेठी की रिपोर्ट…
गुवाहाटी। स्थानीय एम.एस. रोड स्थित भगवान महावीर धर्मस्थल में अष्टाहिंका पर्व के उपलक्ष में आयोजित श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के चौथे दिन आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते कहा कि आज हर आदमी के अंदर शिकायत की बीमारियां पनप रही हैं, घर में, परिवार में, समाज में, देश में, हर कोई एक दूसरे की शिकायत करने में और टांग खींचने में लगा है पर टांग खींचने वाला व्यक्ति हमेशा नीचे रहता है और पीछे से बोलने वाला हमेशा पीछे रहता है। एक बार आप टांग खींचने की बजाए किसी का हाथ थामने का प्रयास करो। वह तुम्हें गले से लगा लेगा और हमेशा-हमेशा के लिए अपना बना लेगा। अचार्य श्री ने मैना सुंदरी की कहानी को लेकर अपने मन की बात कही।

उन्होंने कहा कि मैना सुंदरी ने इसी सिद्धचक्र महामंडल विधान के आयोजन से अपने कोढ़ीपति श्रीपाल को कामदेव जैसा सुंदर बना दिया था और 700 कोढ़ियों को गंधोदक लगाकर उनका कोढ़ दूर कर दिया था। उन्होंने इस विधान का महत्व समझाते हुए कहा कि इस विधान से कई दिव्य शक्तियां प्रकट होती हैं। यह विधान मंडल सभी सिद्ध समूह की साक्षी में किया जाता है। जो हमारे सभी मनोरथों को पूरा करता है।

हुए धार्मिक कार्यक्रम
महावीर भवन धर्मस्थल के महामंत्री विजय कुमार गंगवाल ने बताया कि गुरुवार को विधान के चौथे दिन आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज (ससंघ) के निर्देशन में श्रीजी की शांतिधारा, अभिषेक करने का सौभाग्य नागरमल- जीवनमाला गंगवाल (परिवार) को प्राप्त हुआ। तत्पश्चात इंद्र- इंद्राणी सहित विधान के प्रमुख पात्रों द्वारा संगीतमय स्वर लहरियों के साथ पूजा अर्चना कर विधान के 64 अर्घ्य चढ़ाए गए। इस अवसर पर संध्या कालीन आरती के पश्चात श्री दिगंबर जैन महिला समिति द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें काफी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित थे। यह जानकारी समाज के प्रचार प्रसार विभाग के मुख्य संयोजक ओम प्रकाश सेठी एवं सह संयोजक सुनील कुमार सेठी ने दी।













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