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इंदौर में थोड़ी दूर पर है यह अतिशय क्षेत्र : क्या हवा में उड़ कर आए इस मंदिर के बारे में जानते हैं आप


इंदौर से 40 किमी दूर अतिशय तीर्थ क्षेत्र बनेडिया जी मंदिर ने वैज्ञानिकों को हैरान कर रखा है। इस मंदिर का संबंध स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर यहां बनाया नहीं गया था बल्कि यह हवा में उड़ कर आया हुआ है। इसलिए इस मंदिर की नींव नहीं है। पढ़िए राजीव सिंघाई की विशेष रिपोर्ट…


इंदौर। इंदौर से 40 किमी दूर अतिशय तीर्थ क्षेत्र बनेडिया जी मंदिर ने वैज्ञानिकों को हैरान कर रखा है। इस मंदिर का संबंध स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर यहां बनाया नहीं गया था बल्कि यह हवा में उड़ कर आया हुआ है। इसलिए इस मंदिर की नींव नहीं है।

इंजीनियरों ने की थी खुदाई

इसी बात की पड़ताल करने के लिए इंजीनियर की एक टीम ने मंदिर की खुदाई की। खुदाई करने के बाद जो परिणाम इंजीनियर को मिले, वह बिल्कुल चौंकाने वाले थे। गांव वालों की बात इंजीनियर्स को भी बिल्कुल सही लगी कि इस मंदिर में नींव नहीं मिली। मंदिर की खुदाई के बाद इंजीनियर्स भी सोच में पड़ गए कि इतने बड़े मंदिर को बिना नींव के कैसे बनाया गया होगा और यह वर्तमान समय में भी इतने बड़े क्षेत्रफल को कवर करते हुए कैसे खड़ा है। मंदिर से जुड़ी यह कहानी दुनिया भर के श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। देश-विदेश के पर्यटक यहां पर दर्शन करने के लिए आते हैं।

ऋषि हो गए तपस्या में लीन

स्थानीय लोगों के अनुसार इस मंदिर के बारे में एक किस्सा बहुत प्रचलित है कि इस विशेष मंदिर को एक ऋषि अपने साथ ले जा रहे थे लेकिन तभी वह अचानक से इसे रखकर तपस्या में लीन हो गए। शाम होने तक उन्होंने इस मंदिर को अपनी जहां से नहीं उठाया और तपस्या में ही बैठे रहें, जिसके बाद ये मंदिर अपनी जगह पर स्थाई हो गया। यह भव्य मंदिर अष्टकोणीय है, जिसमें सपोर्ट देने के लिए एक भी खंबे का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इस मंदिर में मूलनायक के रूप में भगवान अजितनाथ स्वामी की प्रतिमा विराजमान हैं। मंदिर का भव्य स्वरूप भक्तजनों का मन मोह लेता है। यहां भगवान की चमत्कारी प्रतिमा के दर्शन कर श्रावकजन भावविभोर हो जाते हैं। एक बार दर्शन के बाद मन में हमेशा बार-बार दर्शन के भाव रहते हैं।

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