दिगम्बर जैन निमाड़ महिला मण्डल की बैठक देहरी में उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुई। इसमें महिलाओं को प्राचीन जिनमंदिर और हस्तलिखित शास्त्रों के दर्शन का अवसर मिला। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रश्नोत्तरी और खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। पढ़िए दीपक प्रधान की ख़ास रिपोर्ट…
देहरी में आयोजित दिगम्बर जैन निमाड़ महिला मंडल की बैठक बड़े हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुई। इस अवसर पर मण्डल की सदस्याओं ने लगभग 263 वर्ष प्राचीन जिनमंदिर और 500 वर्ष पुराने जिनबिंब के दर्शन किए। साथ ही प्राचीन पांडुलिपियों और जिनागम शास्त्रों को भी देखने का सौभाग्य मिला। कार्यक्रम की शुरुआत कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा चित्र अनावरण और दीप प्रज्ज्वलन से की गई। सौ खुशबू, ऋचा और दीपिका ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। संचालन और स्वागत गीत परामर्शदात्री सौ पारस जी गोधा बाकी और उषा जी जैन ने किया। मण्डल की अध्यक्षा सोनल गंगवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया।
बिखरते परिवारों को एकजुट करने पर जोर
मुख्य अतिथि मनावर से ज्योति सोनी ने बिखरते परिवारों को एकजुट करने और संगठन के महत्व पर विचार रखे। सचिव नीना गोधा ने आभार व्यक्त किया। बावनगजा ट्रस्टी एवं उपाध्यक्ष सौ बरखा बड़जात्या ने प्राचीन तीर्थों के संरक्षण पर जोर दिया। धर्म प्रभावना और शास्त्र स्वाध्याय को बढ़ावा देने हेतु सौ चंचल बड़जात्या ने तत्वार्थ सूत्र पर प्रश्नोत्तरी कराई। प्रतियोगिता में सौ किरण दोसी, सौ प्रिया बड़जात्या बाकानेर और सौ पारस गोधा बाकी विजेता बनीं। मनोरंजक खेलों में भी कई सदस्याओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के अंत में मण्डल की कोषाध्यक्ष सौ कल्पना वोहरा ने आभार प्रदर्शन किया। इस प्रकार धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक समन्वय से यह बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।













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