सनावद में 23 दिन धर्मप्रभावना कर सनावद नगर गौरव मुनि श्री प्रयोग सागर जी महाराज एवम मुनि श्री प्रबोध सागर जी महाराज का सिध्वरकुट की और मंगल विहार हुआ । विहार में बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित रहे । पढ़िए सन्मति जैन काका की रिपोर्ट
सनावद । तप ओर त्याग की नगरी कहे जाने वाले नगर सनावद में तकरीबन 23 दिनों से विराजमान संत शिरोमणी आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज के परम शिष्य सनावद नगर गौरव मुनि श्री प्रयोग सागर महाराज और मुनि श्री प्रबोध सागर महाराज का सिध्वरकुट की और मंगल विहार हुआ ।
सन्मति काका ने बताया की आप निरंतर 23 दिनों से संत निवास में विराजमान होकर धर्म की प्रभावना कर रहे थे। आप के सानिध्य में नगर में अनेक मंडल विधान भक्तामर आराधना प्रतिदिन स्वाध्याय क्लास शाम में आचार्य गुरु भक्ति, आरती व नए विषयों पर धर्म चर्चा होती रही। जैसा की ज्ञात है की आप दोदोनों द्वय मुनिराज सनावद नगर में ही जन्में हैं, आप निरंतर पद विहार कर जैन धर्म की प्रभावना कर रहें हैं । आप के विहार में सभी समाजजन उपस्थित हुए ।













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