धामनोद में दश लक्षण महापर्व के अंतिम दिन जैन समाज ने श्री जी की पालकी के साथ भव्य चलसमारोह आयोजित किया। नगर भ्रमण में श्रावक, श्राविकाओं और तपस्वियों की उपस्थिति रही। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
धामनोद। दिगंबर जैन समाज के दस दिन चलने वाले महापर्व दश लक्षण धर्म के अंतिम दिन, श्री जी की पालकी के साथ नगर में भव्य चलसमारोह आयोजित किया गया। महापर्व में भाग लेने वाले त्यागी वृतियों को बग्गी में बैठाकर उनका बहुमान किया गया। नगर के मुख्यमार्गों से मंगलनगर होते हुए चलसमारोह निकाला गया, मार्ग में श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों के सामने श्री जी की आरती की।
आज श्री वासपूज्य भगवान का मोक्षकल्यांक भी निर्माण कांड बोलकर लड्डू चढ़ाया गया। दस दिन के पर्व में श्रद्धालुओं ने उपवास और साधना पूरी की। इस अवसर पर प्रणीति जैन, सोनल जैन, पूर्णिमा जैन, प्रिया जैन, सीमा मंडलोई, रश्मि व प्रशांत जैन सहित एक 13 वर्षीय बालक सांध्य ने 24 घंटे का जल और अन्न का त्याग रखा।
समाज अध्यक्ष महेश जैन एवं सचिव दीपक प्रधान ने बताया कि आचार्य विशुद्ध सागरजी महाराज के शिष्य ब्रह्मचारी भैया ने दस धर्म पर प्रवचन एवं क्लास भी ली। जुलूस मंदिर जी में पहुँचा, जहाँ स्वर्ण और रजत कलश, शांति धारा, श्री जी की आरती और माला की बोली का आयोजन हुआ।
समारोह समाप्त हुआ, बारिश फिर शुरू
भव्य चलसमारोह में पुरुष सफेद कुर्ता-पायजामा और गले में पंचरंगी दुपट्टा पहने हुए थे। महिलाएं केसरिया साड़ी में थीं और युवक जैन धर्म की ध्वजा लेकर आगे चल रहे थे। मंदिर में विद्युत रोशनी ने वातावरण को अत्यंत आकर्षक बनाया। इंद्र की कृपा से नगर भ्रमण के दौरान बारिश नहीं हुई; जैसे ही समारोह समाप्त हुआ, बारिश फिर शुरू हुई। श्रावकों, श्राविकाओं और बच्चों की भारी उपस्थिति में चलसमारोह ने नगर में भक्ति और उल्लास का अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया।













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