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पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के आयोजन पर जबरदस्त उत्साह : धर्म नगरी जैन साध्वी विजया मति की जन्मस्थली जहां सुनील सागर महाराज का होगा आगमन


धार्मिक व पौराणिक नगरी, आदिनाथ भगवान तलघर वाले बाबा अतिशय क्षेत्र एवं जैन साध्वी प्रथम गणिनी आर्यिका रत्न विजय मति माताजी की जन्मभूमि कामवन कामां की धरा पर दिगम्बर जैनाचार्य सुनील सागर महाराज ससंघ सानिध्य में भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन फरवरी माह में किया जाएगा, जिसको लेकर जैन समाज मे जबरदस्त उत्साह अभी से नजर आने लगा है। पढ़िए मनोज नायक की विस्तृत रिपोर्ट…


कामां। धार्मिक व पौराणिक नगरी, आदिनाथ भगवान तलघर वाले बाबा अतिशय क्षेत्र एवं जैन साध्वी प्रथम गणिनी आर्यिका रत्न विजय मति माताजी की जन्मभूमि कामवन कामां की धरा पर दिगम्बर जैनाचार्य सुनील सागर महाराज ससंघ सानिध्य में भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन फरवरी माह में किया जाएगा, जिसको लेकर जैन समाज मे जबरदस्त उत्साह अभी से नजर आने लगा है। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के महामंत्री संजय जैन बड़जात्या ने बताया कि कामां की धरा पर 62 वर्षों के पश्चात यह महा आयोजन होने जा रहा है। पूर्व में पंचायत समिति प्रांगण में दिगंबर जैन आचार्य विमल सागर महाराज के सानिध्य में ऐतिहासिक पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित हुआ था, तब कामां में आये हेलीकॉप्टर व हाथियों पर निकली सवारी को लेकर लोगो में बड़ा कौतूहल रहा था। इतिहास पुनः दोहराया जाएगा, तब आचार्य विमलसागर व विजयामती माताजी की परंपरा के सन्त आचार्य सुनील सागर महाराज का संघ सहित कामां में आगमन होगा।

विजयामती माताजी की जन्मस्थली है कामां

महोत्सव समिति के अनिल लहसरिया, पंकज जैन के अनुसार कामां जैन धर्म की सर्वोच्च साध्वी व प्रथम गणिनी विजयामती की जन्मस्थली है। उन्होंने संतोषी लाल बड़जात्या व माता चिरोंजी देवी की कुक्षी से जन्म लेकर संपूर्ण भारतवर्ष में जैन धर्म की पताका लहरा कर कामां का गौरव बढ़ाया। उन्होंने लगभग 300 से अधिक ग्रन्थों की रचना की। उन्हें जीवंत जिनवाणी के नाम से भी जाना जाता था। महोत्सव समिति के अध्यक्ष गजेंद्र जैन बड़जात्या के अनुसार मां विजयामती गुरु मन्दिर का निर्माण भी हो रहा है, जिसमें माताजी की प्रतिमा भी विराजमान की जाएगी।

सात दिवसीय भव्य होगा आयोजन 

महोत्सव समिति के उत्तम चन्द, दीपक सर्राफ के अनुसार यह भव्य आयोजन सात दिवसीय होगा, जिसमें जैन समाज के अनेकों श्रावक-श्राविकाओं के बड़ी संख्या में भाग लेने की प्रबल संभावना है, साथ ही भारत के सबसे बड़े जैन सन्तों के संघ का आगमन कामां में होगा।

तैयारियों को लेकर टीमों का गठन

पंचकल्याणक समिति के मुख्य संयोजक विकास जैन बड़जात्या ने बताया कि पंचकल्याणक आयोजन को लेकर विभिन्न टीमों का गठन किया गया है, जिसमें सभी बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों को जिम्मेदारियों का विभाजन किया गया है। समय- समय पर बैठकों का आयोजन कर फीड बैक लिया जा रहा है। जैन समाज के युवाओं ने कहा कि यह पंचकल्याणक ऐतिहासिक व दिव्य होगा।

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