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उत्तम आकिंचन्य धर्म पर हुई धर्म प्रभावना : तत्वार्थ सूत्र का वाचन एवं आकिंचन धर्म पर मंगल प्रवचन हुआ


उत्तम आकिंचन्य धर्म के नवें दिन आदिनाथ मंदिर, समवशरण मंदिर और सुखोदयतीर्थ नसिया जी में शांति धारा के बाद चातुर्मास पंडाल में परम पूज्य पवित्रमति माताजी करणमती माताजी, गरिमा मति माताजी के सानिध्य में पंडाल श्रीजी का प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य नानावटी विकेश विनोद चंद्र को प्राप्त हुआ। पढ़िए मुकेश गांधी, सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट…


नौगामा। उत्तम आकिंचन्य धर्म के नवें दिन आदिनाथ मंदिर, समवशरण मंदिर और सुखोदयतीर्थ नसिया जी में शांति धारा के बाद चातुर्मास पंडाल में परम पूज्य पवित्रमति माताजी करणमती माताजी, गरिमा मति माताजी के सानिध्य में पंडाल श्रीजी का प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य नानावटी विकेश विनोद चंद्र को प्राप्त हुआ। अभिषेक के बाद माता जी के सानिध्य में रत्नत्रय विधान का आयोजन हुआ। विधान में सौधर्म इंद्र पंचोरी भारत अमृतलाल, कुबेर इंद्र रिंकेश महेंद्र गांधी, ईशान इंद्र नितेश मीठालाल, सनत इंद्र पंचोरी दीपक अमृतलाल एवं इंद्र बनने का सौभाग्य पंचोरी संजय रमण लाल को प्राप्त हुआ।

इस विधान द्रव्य दान करने का सौभाग्य वर्षा देवी प्रदीप कुमार रतनलाल को प्राप्त हुआ। धान के बड़े भक्ति भाव से वाद्य यंत्रों के मधुर स्वर लहरों के साथ गांधी रमेश चंद्र ,वीना दीदी और राशि दीदी के निर्देशन में अर्घ्य चढ़ाए गए। दोपहर में तत्वार्थ सूत्र का वाचन एवं आकिंचन धर्म पर मंगल प्रवचन हुआ। शाम को प्रतिक्रमण महा आरती मोनू भैया मुंगावली के मधुर स्वर लहरों के साथ 48 दीप विधान के दीप प्रज्वलित करवाए गए। भक्तामर महा आरती के दानदाता गांधी सुवीन जयंतीलाल थे।

इस अवसर पर चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष निलेश जैन राजेंद्र गांधी गांधी नरेश जैन ने बताया कि चौदस के दिन 1008 आदिनाथ मंदिर की में 52 डेरी में विराजमान प्रतिमाओं का अभिषेक किया जाएगा। दसलक्षण के उपलक्ष में संस्कार शिविर में शिवराथीयों द्वारा व्रत उपवास किए जा रहे हैं। उनका पारणा 18 तारीख को माता जी के सानिध्य में होगा और दिनांक 19 तारीख को रथो उत्सव कार्यक्रम होगा ।

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