धरियावद स्थित श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर में क्षुल्लक 105 श्री महोदय सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक 105 श्री पुण्योदय सागर जी महाराज ससंघ सान्निध्य में श्री श्रेयांसनाथ भगवान का निर्वाण कल्याणक एवं रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। मंदिर परिसर में जलाभिषेक, पंचामृत अभिषेक, नित्य नियम पूजन के साथ निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। बालकों द्वारा उपसर्ग निवारण की लघु नाटिका प्रस्तुत की गई पढ़िए अशोक कुमार जेतावत की खास रिपोर्ट
धरियावद। नगर के श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर परिसर में शनिवार को क्षुल्लक 105 श्री महोदय सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक 105 श्री पुण्योदय सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में 1008 श्री श्रेयांसनाथ भगवान का निर्वाण कल्याणक एवं अकंपनाचार्य सहित 700 मुनिराजों पर विष्णु कुमार मुनिराज द्वारा उपसर्ग निवारण का पर्व रक्षाबंधन बड़े धूमधाम से मनाया गया।
इस पावन अवसर पर प्रातःकालीन विधि में जलाभिषेक, पंचामृत अभिषेक, नित्य नियम पूजन एवं रक्षाबंधन पूजन के साथ भगवान श्रेयांसनाथ का मोक्ष कल्याणक उत्सव हर्षोल्लास पूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान भाषा वाचन करते हुए निर्वाण कांड का पाठ किया गया तथा भारती देवी एवं रवींद्र कुमार डागरिया परिवार द्वारा निर्वाण लाडू भक्ति पूर्वक चढ़ाया गया।
कथा को लघु नाटिका के माध्यम से प्रस्तुत किया
धर्मसभा का संचालन प्रतिष्ठाचार्य पंडित विशाल जैन ने किया। क्षुल्लक श्री महोदय सागर जी महाराज ने प्रातःकालीन सभा में अकंपनाचार्य एवं 700 मुनिराजों पर विष्णु कुमार मुनिराज द्वारा उपसर्ग निवारण की कथा संक्षेप में सुनाई। सायंकालीन सभा में श्री वर्धमान दिगंबर जैन पाठशाला के बालकों ने उपसर्ग एवं उपसर्ग निवारण की कथा को लघु नाटिका के माध्यम से प्रस्तुत किया, जिसने सभी को भावविभोर कर दिया। धर्मसभा में समाज के श्रेष्ठी करणमल सेठ, महावीर चंपावत, मुकेश डागरिया, महावीर डागरिया, पवन जोदावत, महेंद्र चंपावत समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।













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