समाचार

मुनिश्री निसर्ग सागर जी का समाधि मरण : आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के सानिध्य में विरागोदय तीर्थ पथरिया में हुई समाधि 


विरागोदय तीर्थ में चातुर्मास के लिए विराजित आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के सानिध्य में मुनिश्री निसर्ग सागर जी महाराज की शुक्रवार को दोपहर 1.15 बजे समाधि हो गई। आचार्यश्री विशुद्धसागर जी ससंघ ने मुनिश्री निसर्गसागर जी महाराज को णमोकार महामंत्र सुनाकर उनके मोक्ष मार्ग को प्रशस्त किया। पथरिया से पढ़िए, यह खबर…


पथरिया। विरागोदय तीर्थ में चातुर्मास के लिए विराजित आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के सानिध्य में मुनिश्री निसर्ग सागर जी महाराज की शुक्रवार को दोपहर 1.15 बजे समाधि हो गई। आचार्यश्री विशुद्धसागर जी ससंघ ने मुनिश्री निसर्गसागर जी महाराज को णमोकार महामंत्र सुनाकर उनके मोक्ष मार्ग को प्रशस्त किया। विदित रहे कि विगत 23 जुलाई को ही आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज ससंघ में मुनिश्री निसर्गसागरजी की मुनि दीक्षा संपन्न हुई थी। पथरिया में पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के हस्त कमलांे से यह मुनि दीक्षा संपन्न हुई।

दीक्षा के उपरांत नाम मुनिश्री निसर्गसागर जी रखा गया था। मुनिश्री निसर्गसागर जी महाराज का जीवन परिचय इस प्रकार है। पूर्वनाम श्री सुनील जैन (भाहेंद्र मुंबई), पिता श्री सुरेशचंद्र (गजना वाले), माता सुशीला जैन हैं। दीक्षा प्रदाता आचार्य श्री विशुद्धसागर जी। दोपहर में समाधि होने के बाद पथरिया विरागोदय तीर्थ में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं मुनि दर्शन के लिए उपस्थित रहे। महिलाएं णमोकार मंत्र का जाप कर रही थीं।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
1
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page