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पूरा गांव मानता है जैन धर्म को : मीणा समाज के बेटी बनी जैन साध्वी


टोंक जिले के उखलाना गांव की 21 वर्षीय तमन्ना मीणा ने मध्यप्रदेश के नीमच में जैन धर्म की दीक्षा ली है। तमन्ना राजस्थान में मीणा समाज की संभवतः पहली बेटी हैं, जिन्होंने जैन धर्म की दीक्षा ली है। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट….


टोंक। जिले के उखलाना गांव की 21 वर्षीय तमन्ना मीणा ने मध्यप्रदेश के नीमच में जैन धर्म की दीक्षा ली है। तमन्ना राजस्थान में मीणा समाज की संभवतः पहली बेटी हैं, जिन्होंने जैन धर्म की दीक्षा ली है। तमन्ना के गांव उखलाना में सौ फीसदी घर मीणाओं के हैं। गांव में करीब 500 घर हैं। सिर्फ तमन्ना का परिवार ही नहीं, गांव में ज्यादा मीणा न समाज के 250 से परिवार जैन धर्म को स्वीकार कर चुके हैं। पूरे गांव में कोई भी मांस-मदिरा का सेवन नहीं करता। भगवान महावीर स्वामी के अहिंसा परमोधर्म के पथ पर चलने वाले इस गांव के लोग लहसुन तक नहीं खाते।

इनके परिवारों में महिला- पुरुष ही नहीं युवा और बच्चे भी रोज सुबह उठकर नवकार मंत्र का जाप करते हैं। पूरा गांव सूर्यास्त के बाद भोजन नहीं करता। गांव में जैन स्थानक बना हुआ है, जहां हर साल चातुर्मास में जैन मुनि और साध्वियां आती हैं। पूरा गांव चार महीने तक उनके प्रवचन सुनता है।

बेटी के फैसले पर गर्व

तमन्‍ना मीणा के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी ने धर्म के मार्ग को चुना है। बेटी के फैसले पर पूरे परिवार को गर्व है। आठ बहनों में सबसे छोटी तमन्‍ना के पिता शुभकरण मीणा खेती करते हैं। मां मनभर देवी हाउसवाइफ हैं। मनभर देवी ने बताया कि सात बेटियों की शादी हो चुकी है। सबसे छोटी बेटी तमन्‍ना मीणा ने धर्म के मार्ग पर चलने की ठानी है। बेटी ने हमें अपना फैसला बताया तो एक बारगी तो अजीब लगा, मगर फिर पूरे परिवार ने बेटी के फैसले का सम्‍मान किया। मां ने कहा कि बेटी से बिछड़ने का गम तो है, मगर धर्म के मार्ग पर चलने के उसे फैसले पर गर्व भी हो रहा है। बेटी तमन्‍ना के इस फैसले से पूरा परिवार से सहमत है और हर कोई भगवान से यही दुआ करता है कि वह वैराग्‍य पथ पर चलकर एक अच्‍छा मुकाम हासिल करें। चार्तुमास प्रवचन के दौरान जैन मुनियों से धर्म की बातें सुनकर वह भी इसी मार्ग पर चल पड़ी।

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