उत्तम क्षमा धर्म के साथ 28 अगस्त से दिगंबर समाज के दशलक्षण पर्व का शुभारंभ हुआ। सभी मंदिरों को भव्य सजाया गया। धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पूजन के लिए पहुंचे। पदमप्रभु जिनालय अवधपुरी द्वारा दसलक्षण पर्व का शुभारंभ हुआ। आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर…
आगरा। उत्तम क्षमा धर्म के साथ 28 अगस्त से दिगंबर समाज के दशलक्षण पर्व का शुभारंभ हुआ। सभी मंदिरों को भव्य सजाया गया। धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पूजन के लिए पहुंचे। श्री पदमप्रभु जिनालय अवधपुरी में दसलक्षण पर्व का शुभारंभ हुआ। महापर्व के पहले दिन उत्तम क्षमा धर्म के रूप में मनाया गया। जिसमें भक्तों ने सर्वप्रथम प्रातः 7 बजे मंत्रोच्चारण के साथ प्रभु का अभिषेक और शांतिधारा की। अभिषेक के बाद उपस्थित सभी भक्तों ने पंडित विवेक जैन के निर्देशन में अष्ट द्रव्यों के साथ संगीतमय में उत्तम क्षमा धर्म का पूजन किया। पंडित विवेक जैन शास्त्री ने उत्तम क्षमा धर्म के बारे में भक्तों को बताते हुए कहा कि क्रोध का कारण उपस्थित होने पर भी क्रोध न करना क्षमा है। समर्थ रहने पर भी क्रोधात्पादक निंदा, अपमान गाली-गलौच आदि प्रतिकूल व्यवहार होने पर भी मन में कलुषता न आने देना उत्तम क्षमा धर्म है।
सांय 7 बजे से श्रीजी की आरती एवं शास्त्र वाचन हुई। शालु जैन द्वारा छोटे बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस अवसर पर इंद्र प्रकाश जैन, ओम प्रकाश जैन, नरेंद्र जैन, मनीष जैन, प्रवीण जैन, संजय जैन, अनिल जैन, जितेन्द्र जैन, राकेश जैन, शुभम जैन, करूणा जैन, कविता जैन, पुष्पा जैन, रजंना जैन, बीना जैन, गीता जैन, सभी अवधपुरी जैन समाज के लोग मौजूद रहे।













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