श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर छत्रपति नगर (मध्यप्रदेश) में मुनि श्री विमल सागर जी, मुनि श्री अनंत सागर जी, मुनि श्री धर्म सागरजी मुनि श्री भाव सागर जी संसघ के सानिध्य में एवं अमित वास्तु शास्त्री इंदौर के निर्देशन में 15 मार्च को निर्माणाधीन नवीन मंदिर की वेदी का शिलान्यास संपन्न हुआ। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की विशेष रिपोर्ट…
इंदौर। श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर छत्रपति नगर (मध्यप्रदेश) में सर्वश्रेष्ठ साधक आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विमल सागर जी, मुनि श्री अनंत सागर जी, मुनि श्री धर्म सागरजी मुनि श्री भाव सागर जी संसघ के सानिध्य में एवं अमित वास्तु शास्त्री इंदौर के निर्देशन में 15 मार्च को निर्माणाधीन नवीन मंदिर की वेदी का शिलान्यास संपन्न हुआ। इस अवसर पर अनेक मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुई और लोगों ने शिला स्थापित की। मुनि संघ को ट्रस्ट अध्यक्ष कैलाश चंद जैन, सामाजिक संसद के मंत्री डॉ जैनेन्द्र जैन, कमल जैन, महिपाल बक्षी, भुपेंद्र जैन, दिलीप जैन, नीलेश जैन आदि ने श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
जहां संत, वहां बसंत
इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री विमल सागर जी ने कहा कि जहां संत आते हैं, बसंत आ जाता है। जिसके घर में मीठे जल का कुंआ और गाय है, उसे किसी के घर मांगने के लिये नहीं जाना पड़ता है ,जो फल-सब्जी घर में उगाते हैं तो वे पुण्यशाली है। एक गांव है, जहां प्रत्येक घर में कुंआ, गाय, बगीचा है और 35 घर हैं। दरिद्र को कोई पूछता नहीं है। जो नारी गृह कार्यों में कुशल होती है, उसका घर स्वर्ग होता है। पृथ्वी लोक में अमृत है गाय का दूध। विदेश में सुख नहीं, अपने देश में है, अपनी जन्मभूमि स्वर्ग से बढ़कर होती है। आपके नगर में पहली बार 72 समवशरण स्मृति नगर में लगने वाले हैं, उसमें आप शामिल हों। 16 मार्च को श्री आदिनाथ जी जन्म महोत्सव मनाया जाएगा, 1008 कलशों से मूलनायक भगवान का महामस्तकभिषेक होगा, प्रभु की विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी।19 मार्च को गोम्मटगिरी में बाहुबली भगवान का दोपहर में 1 बजे महामस्तकाभिषेक होगा। 18 से 26 मार्च तक स्मृति नगर में इंदौर में प्रथम बार 72 समवशरण विधान होगा।













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