शाश्वत तीर्थ क्षेत्र अयोध्या के प्रचार प्रसार एवं सर्वांगीण विकास के लिए अयोध्या तीर्थ प्रभावना रथ का कामां जैन समाज ने भव्य अगवानी करते हुए नगर भ्रमण के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली। वर्तमान में जैन धर्म की सर्वोच्च साध्वी गणिनी आर्यिका गुरुमां श्री ज्ञानमती माताजी ने तीर्थों के विकास का बीड़ा उठाया है। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट…
कामां। शाश्वत तीर्थ क्षेत्र अयोध्या के प्रचार प्रसार एवं सर्वांगीण विकास के लिए अयोध्या तीर्थ प्रभावना रथ का कामां जैन समाज ने भव्य अगवानी करते हुए नगर भ्रमण के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली। वर्तमान में जैन धर्म की सर्वोच्च साध्वी गणिनी आर्यिका गुरुमां श्री ज्ञानमती माताजी ने तीर्थों के विकास का बीड़ा उठाया है। जिसमें जंबूद्वीप हस्तिनापुर, मांगी तुंगी सिद्धक्षेत्र में 108 फुट खड़गासन ऋषभदेव भगवान की स्थापना के साथ अब जैन धर्म के पांच तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव, अजीतनाथ, अभिनंदन नाथ, सुमतिनाथ, अनंतनाथ भगवान की जन्मभूमि अयोध्या के विकास के लिए कटिबद्ध है।
विकास की श्रृंखला में संपूर्ण भारतवर्ष में तीर्थ प्रभावना रथ का प्रवर्तन हो रहा है। उक्त उद्गार कामां के कोट ऊपर स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित धर्म सभा में सत्येंद्र शास्त्री हस्तिनापुर ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। जैन समाज कामां के अध्यक्ष सुभाषचंद जैन ने बताया कि अयोध्या से पधारे तीर्थ प्रभावना रथ यात्रा का शुभारंभ लाल दरवाजे से हुआ तो समापन पंचायत समिति परिसर में हुआ।

धर्मसभा का आयोजन
रथयात्रा से पूर्व मंदिर प्रांगण में धर्म सभा का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ सुरेश चन्द पदमचंद कैलाश चन्द जैन अगोनिया परिवार द्वारा ध्वजारोहण कर किया गया। इस अवसर पर सौधर्म इंद्र-इंद्राणी रिंकेश जैन-रिंकू दीपा जैन बड़जात्या, कुबेर इंद्र -इंद्राणी राजेन्द्र जैन-संगीता जैन लहसरिया परिवार को सौभाग्य प्राप्त हुआ। प्रथम आरती पदमचन्द-पदमा जैन अगोनिया, पालना झुलाई संजय जैन-शशि जैन बोलखेड़िया परिवार द्वारा की गई। रथ के ध्वज वाहक भागचंद जैन सुशील जैन खुश जैन बड़जात्या व इंद्राणी शिवा जैन धर्मपत्नी कुशल जैन अगोनिया बनीं।
पात्रों का किया सम्मान
सभा का संचालन युवा परिषद के प्रदेश संयुक्त महामंत्री संजय जैन बड़जात्या ने करते हुए कहा कि अयोध्या जैन धर्म के चौबीस में से पांच तीर्थंकरों की जन्मभूमि है, जिसके विकास का संकल्प श्री ज्ञानमती माताजी ने लिया है। इस अवसर पर अजित जैन शास्त्री, राजकुमार जैन मैनेजर अयोध्या सहित पात्रों का सम्मान जैन समाज व युवा परिषद के पदाधिकारियों द्वारा किया गया।
जैन धर्म के नारों से वातावरण हुआ गुंजायमान
युवा परिषद के अध्यक्ष मयंक जैन ने बताया कि रथयात्रा के दौरान युवाओं ने भगवान ऋषभदेव व जैन धर्म के नारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया तो वहीं महिलाएं भी पीछे नहीं रही। इस अवसर पर धर्म जागृति संस्थान के अध्यक्ष संजय सर्राफ ने भी अपने विचार व्यक्त किये। रथयात्रा में युवा परिषद, धर्म जागृति संस्थान,जैन मित्र मंडल, ज्ञान विजया महिला मंडल, चंद्रप्रभु महिला मंडल, अखिल भारतीय महिला परिषद के सदस्य व पदाधिकारी गण सहित जैन समाज के नर-नारी व बच्चे बड़ी मात्रा में उपस्थित रहे।













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