समाचार

आचार्य विद्यासागर महाराज का बच्चों ने किया अष्ट द्रव्य से पूजन : पाठशाला से संस्कारित होते हैं बच्चे- आर्यिका धारणा मति 


आर्यिका रत्न 105 धारणामति, आर्यिका श्री मुदितमति, आर्यिका शास्त्रमति माता जी ससंघ का चातुर्मास नगर की ह्दय स्थली श्री महावीर विद्या विहार में चल रहा है। रविवारीय विशेष पूजन आचार्य विद्यासागर संस्कार वर्णी पाठशाला के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पाठशाला की प्राचार्या ममता जैन, रिंकी सिंघई, रितु जैन के निर्देशन में किया। पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट…


ललितपुर। वर्णीनगर मडावरा में आचार्य श्रेष्ठ 108 विद्यासागर महाराज के आशीर्वाद से आर्यिका रत्न 105 दृढ़मति माता जी की संघस्थ आर्यिका रत्न 105 धारणामति, आर्यिका श्री मुदितमति, आर्यिका शास्त्रमति माता जी ससंघ का चातुर्मास नगर की ह्दय स्थली श्री महावीर विद्या विहार में चल रहा है। प्रतिदिन की श्रृंखला में प्रातःकाल श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा पुण्यार्जक परिवारों ने की।

तत्पश्चात रविवारीय विशेष पूजन आचार्य विद्यासागर संस्कार वर्णी पाठशाला के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पाठशाला की प्राचार्या ममता जैन, रिंकी सिंघई, रितु जैन के निर्देशन में किया। धर्मसभा के पूर्व आचार्य श्रेष्ठ 108 विद्यासागर महाराज के चित्र का अनावरण, दीप प्रज्वलन एवं आर्यिका ससंघ को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य गौरव अध्यक्ष डॉ. बिरधीचंद्र जैन के परिवार ने प्राप्त किया।

इस दौरान धर्म सभा को संबोधित करते हुए आर्यिका श्री 105 धारणामति माता जी ने कहा कि अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों को प्रतिदिन पाठशाला भेजें। जिससे बच्चे पाठशाला में पढ़कर संस्कारवान बनें। पाठशाला में पढ़कर बच्चे संस्कारित होते हैं। उनमें धार्मिक एवं नैतिक संस्कारों का बीजारोपण होता है।

आर्यिका श्री के प्रवचन के पश्चात प्रश्न मंच प्रतियोगिता आयोजित की गई। विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार चातुर्मास समिति के मंत्री प्रदीप जैन खुटगुंवा परिवार की ओर से प्रदान किए गए। प्रवचन के पश्चात पाठशाला के बच्चों को स्वल्पाहार का वितरण सवाई सिंघई सुनील जैन के परिवार की ओर से किया गया। कार्यक्रम का संचालन चातुर्मास समिति के महामंत्री राजू सौंरया ने किया।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
2
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page