निमाड़। अंचल में 27 जुलाई 2025 को पूज्य मुनिश्री चारित्र सागर जी महाराज की जन्मजयंती श्रद्धा, कृतज्ञता एवं आत्मिक ऊर्जा के साथ मनाई गई। समाज ने उनके जीवन से प्रेरणा लेकर आत्मकल्याण व मोक्षमार्ग पर अग्रसर होने का संकल्प दोहराया। पढ़िए….. विस्तृत खबर…
निमाड़। निमाड़ अंचल में आज 27 जुलाई को पूज्य मुनि श्री चारित्र सागर जी महाराज की जन्म जयंती अत्यंत श्रद्धा, कृतज्ञता और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ मनाई गई।
पूरे क्षेत्र में गुरु के प्रति समर्पण, जिनवाणी के प्रति आस्था और आत्मकल्याण के संकल्प का वातावरण बना रहा। समाज ने गुरुदेव के संयम और साधना को स्मरण करते हुए धर्म की लौ को अपने अंतःकरण में प्रज्वलित किया।
पूज्य मुनिश्री चारित्र सागर जी महाराज ने न केवल स्वयं मोक्षमार्ग का वरण किया, बल्कि पूरे निमाड़ क्षेत्र को जिनधर्म से जोड़कर धर्म प्रभावना की लौ जलाए रखी। वे जिनवाणी के अमृत गायक रहे, जिन्होंने “म्हारी मां जिनवाणी” जैसे भक्तिपूर्ण गीतों के माध्यम से जनमानस को धर्म से जोड़ा।
मोक्ष मार्ग पर चलकर जीवन को सार्थक बनाएंगे
इस अवसर पर समाजजनों ने कहा:
“जो इस भव में मुनिराजों का मंच सजाता है, वह अगले भव में समवशरण सजा सकता है। गुरुदेव की अनुपस्थिति में भी उनके सिद्धांत, उपदेश और संयम के आदर्श आज भी समाज को प्रेरणा दे रहे हैं। इस अवसर पर निमाड़ समाज ने संकल्प दोहराया कि वे गुरुदेव द्वारा दिखाए गए आत्मकल्याण और मोक्ष मार्ग पर चलकर जीवन को सार्थक बनाएंगे।













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