जन-जन के हृदय सम्राट, प्राणी मात्र के प्रति दया के भाव सदैव रखने वाले, आचार्य श्री विद्यासागर जी के द्वितीय समाधि स्मृति दिवस पर श्री दिगंबर जैन मंदिर गायत्री नगर महारानी फार्म में मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में बुधवार को प्रातः 8 बजे से नित्य प्रतिदिन अभिषेक शांतिधारा पूजा के बाद आचार्य छत्तीसी विधान का आयोजन विधानाचार्य अजीत शास्त्री के निर्देशन में किया गया। जयपुर से पढ़िए, यह खबर…
जयपुर। जन-जन के हृदय सम्राट, प्राणी मात्र के प्रति दया के भाव सदैव रखने वाले, आचार्य श्री विद्यासागर जी के द्वितीय समाधि स्मृति दिवस पर श्री दिगंबर जैन मंदिर गायत्री नगर महारानी फार्म में मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में बुधवार को प्रातः 8 बजे से नित्य प्रतिदिन अभिषेक शांतिधारा पूजा के बाद आचार्य छत्तीसी विधान का आयोजन विधानाचार्य अजीत शास्त्री के निर्देशन में किया गया। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि विधान में सौधर्म इंद्र बनकर वीरेंद्र सुनंदा अजमेरा ने विधान पूजा करवाई। इस अवसर पर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा, उपाध्यक्ष अरुण शाह, मंत्री राजेश बोहरा, वरिष्ठ एडवोकेट विमल कुमार जैन, वरिष्ठ समाज सेवी अनिल गदिया, अशोक जैन विधानसभा वाले, अशोक जैन कासलीवाल एचपीसीएल वाले, बसंत बाकलीवाल, संतोष बाकलीवाल, सुनील जैन तिजारा वाले, कमल मालपुरा वाले आदि महिला-पुरुषों उपस्थित होकर विधान पूजा की। विधानाचार्य पंडित अजीत शास्त्री ने आचार्य श्री के उपकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूज्य आचार्य श्री जन-जन के परम आराध्य आचार्य थे, उन्होने जनजन के लिए अनेकों उपकार किए। सभी का आभार मंदिर प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष अरुण शाह ने माना।













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