चिंतन का विषय जैन समाज के परिवारों की आर्थिक स्थिति चिंतनीय समाज की संस्थाओं में समाज के ही युवाओं को मिले प्राथमिकता जयपुर, 14 नवम्बर। बदलते...
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चिंतन का विषय संतों के आहार-विहार से पीछे हट रहा समाज देश में कई घटनाओं से सामने आई समाज की उदासीनता जयपुर, 7 नवम्बर। जैन तीर्थंकरों ने...
वाग्वर (बागड़) आदिवासी बहुल क्षेत्र शाकपत्तनपुर (शाकवाट, सागवाड़ा) मध्यकाल के प्रारम्भ से ही जैनधर्म का केन्द्र रहा है। 13वीं सदी से तो यहां मूलसंघी भट्टारकों...
इंदौर। आज हमारा देश आजादी का 75वां अमृत महोत्सव मना रहा है। देश की आजादी के लिए कई लोगों ने अपनी जान गंवाई तो कई वर्षों तक जेल यातना सहते रहे। आज उन्हीं...
सफलता की राह पर चलते हुए अपने मन में घमंड व अहंकार पनपने न दें। अहंकार पतन का रास्ता तैयार करता है।
मूर्ख लोगों से वाद-विवाद नहीं करना चाहिए। मूर्खों के साथ विवाद करने से अपना ही समय नष्ट होता है।
जो बहुत धन, विद्या तथा ऐश्वर्य को पाकर भी इठलाता नहीं है, वही सच्चा पंडित कहा जाता है।
जिस प्रकार समुद्र को पार करने में नाव की जरूरत होती है, उसी प्रकार स्वर्ग के लिए सत्य ही एकमात्र सीढ़ी है।
जो व्यक्ति अपने मन को काबू में नहीं रख पाता, वह कभी सफलता प्राप्त नहीं कर पाता।
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जिस धन को कमाने में मन तथा शरीर का क्लेश हो, धर्म का उलंघन करना पड़े, सिर शत्रु के सामने झुकाना पड़ जाए, ऐसे धन का विचार त्यागना ही बेहतर है।








