राजस्थान के जैन संतों की परंपरा में ब्रह्म धर्मसागर जी का स्थान भी काफी महत्वपूर्ण है। इन्होंने अधिकांश गीत अपने गुरु की प्रशंसा में ही लिखे हैं। इनके गीतों...
Category - राजस्थान के संत
राजस्थान के जैैन संतों की समृ़द्ध श्रंखला के तहत कई संतों का संक्षिप्त परिचय प्राप्त होता है। इनमें मुनि राजचंद्र जी भी हैं। इन्होंने राजस्थान में पद विहार कर...
राजस्थान के जैन संतों ने राजस्थान की धरती पर रहकर साहित्य को इतना समृद्ध कर दिया है कि उनकी रचनाएं आज भी बहुत प्रभावी लगती हैं। भट्टारक सकलभूषण ने संस्कृत...
राजस्थान के जैन संत व्यक्तित्व एवं कृतित्व के अंतर्गत राजस्थान के जैन संतों द्वारा लिखित हिन्दी साहित्य की खूब चर्चा होती है। इनकी रचनाएं आज भी उतनी ही...
राजस्थान के जैन संतों के बारे में इतना तो जानकर पता लगता ही है कि अधिकांश जैन संत 16 से 17वीं सदी के दौरान हुए और उन्होंने अपनी गुरु-शिष्य परंपरा को सदैव बनाए...
राजस्थान जैन संतों के परिचय में उनकी साहित्यिक अभिरुचि खुलकर सामने आई है। हर जैन संत ने अपनी रचना संसार में राजस्थानी और गुजराती भाषा का भरपूर उपयोग किया है।...
राजस्थान के जैन संत: व्यक्तित्व एवं कृतित्व के दौर में वर्णित जानकारी के अनुसार राजस्थान में 17वीं में हुए जैन संतों का भी यहां अच्छा खासा प्रभाव रहा है। इन...
राजस्थान के जैन संत, उनकी वाणी, उनकी लेखनी, उनका साहित्य इतना प्रभावशाली है कि पढ़ने वाला भावविभोर हुए बिना नहीं रहता। राजस्थान के संतों की परंपरा में...
राजस्थान की धरती पर जिन जैन संतों ने अपने साहित्य के माध्यम से संयम, नियम और धर्म के प्रति जनमानस में अलख जगाई है। उसी का प्रतिफल है कि जैन धर्म और भगवान...
राजस्थान के जैन संत व्यक्तित्व और कृतित्व श्रंखला में राजस्थान की धरती पर हुए जैन संतों ने बहुत सा साहित्य रचा। वही साहित्य आज गुरु-शिष्य परंपरा का अलग महत्व...








