मंथन पत्रिका

मन को संयमित रखने के लिए आवश्यक है स्वाध्याय – अनीता महेन्द्र बाकलीवाल

जिनागम के अनुसार जैन धर्म में गृहस्थ के छह आवश्यक नियम बताए गए हैं। उनमें से एक हैै स्वाध्याय- मन को संयमित रखने के लिए स्वाध्याय बहुत आवश्यक है। स्वाध्याय...

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संस्कृति मंदिर – एक अनुकरणीय पहल – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज

“विलासिता में डूबा जीवन उधार का,शांति की चाह, लेकिन नाम नहीं विचार का,पतन का कारण है अभाव संस्कार का” आत्मा का शुद्धिकरण करने की क्रिया को संस्कार...

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जीवन जीने का तरीका – प्रियंका सेठी

जीवन बहुत जटिल और उतार-चढाव से भरा होता है। जीवन में खुशियां हैं तो दु:ख भी है। देखा जाए तो जीवन के सुख और दु:ख एक दूसरे के पूरक है। इनके बीच में जरूरी संतुलन...

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