भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है कि देश के सारे बड़े तीर्थ क्षेत्र को हवाई मार्ग से जोड़े। हमारा पवित्र पावन तीर्थ क्षेत्र श्री सम्मेद शिखर जी अभी तक इस योजना से लाभान्वित नहीं हुआ है। इस विषय में पहल करने के लिए अनिल कुमार जैन ने निवेदन किया है। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
सम्मेद शिखर जी। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है कि देश के सारे बड़े तीर्थ क्षेत्र को हवाई मार्ग से जोड़े। हमारा पवित्र पावन तीर्थ क्षेत्र श्री सम्मेद शिखर जी अभी तक इस योजना से लाभान्वित नहीं हुआ है। इस विषय में पहल करने के लिए अनिल कुमार जैन ने निवेदन किया है…
साथियों,
जैसा की आप सभी जानते हैं कि श्री सम्मेद शिखर जी हम जैनियों के लिए सबसे पवित्र तीर्थ स्थल हैं। हम लोग मिलकर इसे परम पवित्र धार्मिक तीर्थ स्थल घोषित करवाने हेतू प्रयत्नशील हैं। इसी सोच को बल देनेके लिए आप सभी से अनुरोध है कि जैसे भारत सरकार अन्य धर्मों के तीर्थ स्थल हवाई मार्ग से जोड़ रही है। वैसे जैनों के परम पवित्र धार्मिक तीर्थ स्थल को भी जोड़ें।
इसके लिए मैंने सरकारी स्तर पर चर्चा की तो उन्होंने कहा कि किसी जैन समाज, संगठन ने मांग नहीं रखी है।
मेरी आप सभी से हाथ जोड़कर विनती है। इस विषय पर चर्चा करें, ज्ञापन दें, सरकार को मांग पत्र दें। जरूरत लगे तो आंदोलन करें।
पारसनाथ मधुबन तीर्थ क्षेत्र के लिए एयरपोर्ट क्यों जरूरी है?
1. इससे विश्व पटल पर इसका महत्व बढ़ेगा।
2. जैन धार्मिक तीर्थ स्थल के रूप मे इसकी मान्यता बढ़ेगी।
3. जैसे ही पारसनाथ मधुबन तीर्थ क्षेत्र हवाई यात्रा से जुड़ेगा। बहुत से हमारे समाज के बच्चे, जो समय बचाने और सुविधा नहीं होने के कारण अन्य तीर्थ क्षेत्र की यात्रा करने जाते हैं, वो यहां भी आयेंगे।
4. अच्छे काबिल लोगों का आवागमन पारसनाथ मधुबन तीर्थ क्षेत्र में बढ़ेगा तो वहां सकारात्मक माहौल बनेगा।
5. पारसनाथ मधुबन का सर्वांगीण विकास होगा।
सरकार पर इस कार्य के लिए दवाब बनाने की जरूरत है।
1.मेरा मानना है कि भगवान महावीर जन्म कल्याणक पर पूरे देश भर में जैन समाज जुलूस का शानदार जानदार आयोजन करता है। सारे भारत के जैन समाज द्धारा उस दिन एक पारसनाथ मधुबन की झांकी निकाल कर पारसनाथ मधुबन के लिए भी एयरपोर्ट की मांग रखी जाए।
2. सभी लोग एक जैसी टीशर्ट पहनें, उसमें एक तरफ लिखा हों। आज भगवान महावीर स्वामी जी के जन्म कल्याणक है या जैन समाज…….। साथ में लिखा हो
MISSION AIRPORT PARASNATH.
3. उस टीशर्ट के दूसरी तरफ लिखा हों: हमारा हक हमारी पहचान श्री सम्मेद शिखर जी को भी मिले एयरपोर्ट की शान।
4. जुलूस में इस मांग से संबंधित बैनर पोस्टर, तख्ती भी रख सकते हैं।
5. समाज के स्तर पर चर्चा कर पत्र लिखकर प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय, नागरिक एवं उड्डयन मंत्रालयको भेजने की तैयारी करनी चाहिए।
उम्मीद है आप सभी अपने अपने समाज में इस मांग पर विचार विमर्श करेंहे और जैन समाज के हित में निर्णय लेकर 21अप्रेल को अपनी मांग को जोरदार तैयारी के साथ रखेंगे।













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