समाचार

जैन मिलन क्षेत्र 10 ने छतरपुर जिले की शाखाओं का किया बृहद भ्रमण : वृक्षारोपण एवं तीर्थ रक्षा संकल्प के साथ हुआ आयोजन


   भारतीय जैन मिलन क्षेत्र क्रमांक 10 द्वारा छतरपुर जिले की विभिन्न शाखाओं में शाखा संपर्क एवं वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान दिगंबर तीर्थों का भ्रमण कर भक्ति-भाव से पूजन-अर्चन भी की गई। पढ़िए मनीष जैन की खास रिपोर्ट…


भारतीय जैन मिलन क्षेत्र क्रमांक 10 द्वारा छतरपुर जिले के अंतर्गत आने वाली शाखाओं का बृहद भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी शुरुआत दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र पारसगिरी भगवां में भगवान पार्श्वनाथ जी की पूजा-अर्चना से की गई। यह भ्रमण राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट अतिवीर कमलेंद्र जैन के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शाखा संपर्क के साथ-साथ वृक्षारोपण एवं तीर्थ रक्षा अभियान का प्रचार-प्रसार था। भ्रमण के दौरान भगवां, द्रोणगिरी, बड़ा मलहरा, बक्सवाहा एवं दलपतपुर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।

वृक्षारोपण कार्यक्रम भी संपन्न 

महिला जैन मिलन बक्सवाहा एवं युवा जैन मिलन भगवां सहित कई शाखाओं में बैठकें संपन्न हुईं। गौशाला भगवां एवं द्रोणगिरी प्रशिक्षण संस्थान में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी संपन्न हुआ। बैठकों का शुभारंभ चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन एवं महावीर वंदना के साथ हुआ। क्षेत्रीय अध्यक्ष अतिवीर अरुण चंदेरिया ने जैन मिलन की स्थापना, उद्देश्य व वर्तमान गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जैन मिलन की 1550 से अधिक शाखाएं देश-विदेश में सक्रिय हैं।

राष्ट्रीय स्तर की संगोष्ठियां एवं अन्य आयोजन 

इस वर्ष को तीर्थ रक्षा वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिसमें विभिन्न तीर्थ क्षेत्रों की रक्षा हेतु राष्ट्रीय स्तर की संगोष्ठियां एवं अन्य आयोजन किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में क्षेत्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष संजय जैन शक्कर, उपाध्यक्ष मनीष जैन विद्यार्थी, प्रमोद जैन गट्टू, मनीष शास्त्री विद्यार्थी सहित अनेक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। अंत में बक्सवाहा दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज के परम शिष्य मुनि श्री का आशीर्वाद लेकर यात्रा का समापन हुआ।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

Tags

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page