जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का जन्म और तप कल्याण के उपलक्ष्य में बड़े जैन मंदिर जी में आदिनाथ भगवान जी की शांतिधारा, अभिषेक, आदिनाथ विधान और 48 रजत दीपकों से आरती की गई। पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट…
छतरपुर। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का जन्म और तप कल्याण के उपलक्ष्य में बड़े जैन मंदिर जी में आदिनाथ भगवान जी की शांतिधारा, अभिषेक, आदिनाथ विधान और 48 रजत दीपकों से आरती की गई। सखी महिला परिषद की सचिव प्रीति जैन ने बताया कि आदिनाथ भगवान के जन्म का पालना सखी महिला परिषद की बहनों के द्वारा सजाया गया।
समाज के सभी पुरुष एवं महिला वर्ग ने बड़ी उत्साह पूर्वक एवं धूमधाम से यह पर्व मनाया। इस कार्यक्रम में समाज व मंदिर कमेटी के पदाधिकारी और समाज के वरिष्ठ लोग उपस्थित रहे। सखी महिला परिषद की पदाधिकारी और सखी परिषद की सारी बहनें उपस्थिति रहीं।













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