आदि तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का जन्म तप कल्याणक महोत्वस बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाया। नौगामा जैन समाज प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी ने बताया कि प्रातः 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर 1008 भगवान महावीर समवशरण मंदिर एवं सुखोदव तीर्थ नसिया जी में विशेष शांति धारा, अभिषेक किया गया। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
नौगामा। आदि तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का जन्म तप कल्याणक महोत्वस बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाया। नौगामा जैन समाज प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी ने बताया कि प्रातः 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर 1008 भगवान महावीर समवशरण मंदिर एवं सुखोदव तीर्थ नसिया जी में विशेष शांति धारा, अभिषेक किया गया। अभिषेक करने का प्रथम सौभाग्य पंचोली संदीप कुमार राजेंद्र, पंचोली दीक्षांत संकल्प कैलाश, पंचोली गीतांश विपुल, दीपक, मयंक, ललित को प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर वाद्य यंत्रों की मधुर स्वरों के साथ वागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ भगवान, नेमिनाथ भगवान का अभिषेक बड़े भक्ति भाव से किया गया। इस अवसर पर नवीन चांदी के झूले में जिनवाणी माता विराजमान कर प्रथम पालना झूलने का सौभाग्य नानावटी कुसुम लता, सुभाष चंद्र, जतिन सुभाष चंद्र, पंचोरी दीपक अमृतलाल को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी धर्म प्रेमी बंधुओं ने यथायोग्य दान की घोषणा की। भगवान का विमान बनाने हेतु पिंडारमिया वर्षा बेन, प्रदीप रतन लाल जी द्वारा 1 किलो चांदी भेंट की गई।
इसके उपरांत श्रीजी को गंनगोटी में विराज मानकर विशाल शोभायात्रा बैड बाजों के साथ नगर भ्रमण करते हुए समवशरण मंदिर पहुंची,जहां पर बालिका मंडल एवं महिला मंडल द्वारा गरबा नृत्य किया गया। महिलाएं केसरिया वस्त्रों में एवं पुरुष सफेद वस्त्रों में शोभा यात्रा में चल रहे थे। इस अवसर पर गांधी भरत कुमार ने बताया कि मुंबई म्यूजियम में जो जैन प्रतिमाएं नीलाम हो रही थीं, उसकी नीलामी विश्व जैन संगठन द्वारा रुकवा दी गई है। इस अवसर पर संपूर्ण जैन समाज ने खुशियां प्रकट कीं। शाम को मंदिर में भक्तामर के 48 दीप प्रज्वलित किए गए। जैन पाठशाला के बच्चों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम का संचालन विधानाचार्य रमेश चंद्र गांधी भरत पंचोली द्वारा किया गया। आभार नवयुवक मंडल अध्यक्ष मुकेश गांधी, जैन समाज कोषाध्यक्ष रमलाल जैन, महिला मंडल अध्यक्ष विमला पंचोली ने प्रकट किया।













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