श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में सुबह 8.30 बजे पार्श्वनाथ भगवान की वेदी के समक्ष 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर जी का रजत कलशों से अभिषेक कर वृहद शांति धारा की गई। वहीं रायपुर के मध्य में विधान सभा रोड स्थित सड्डू में एक नवीन जिनालय की परिकल्पना को मूर्तरूप देने के लिए आधारशिला रखी गई है। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
रायपुर। श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में सुबह 8.30 बजे पार्श्वनाथ भगवान की वेदी के समक्ष 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर जी का रजत कलशों से अभिषेक कर वृहद शांति धारा की गई। इसे करने का सौभाग्य रवि जैन कुम्हारी को प्राप्त हुआ। शांतिधारा का वाचन सुरेश मोदी द्वारा किया गया। तत्पश्चात सभी ने सामूहिक पूजा कर अर्घ्य चढ़ाए। पूजन में श्रेयश जैन बालू उपाध्यक्ष, सुरेश मोदी, रवि जैन, प्रणीत जैन, सुजीत जैन, किशोर जैन, पलक जैन उपस्थित थे। वहीं रायपुर के मध्य में विधान सभा रोड स्थित सड्डू में एक नवीन जिनालय की परिकल्पना को मूर्तरूप देने के लिए आधारशिला रखी गई है।
जैन शास्त्रों में उल्लेख है कि पंचम काल के अंत तक जैन धर्म निरंतर चलता रहेगा और धर्म की बागडोर युवाओं के हाथों में रहेगी। ऐसा ही कुछ चरितार्थ होते हुए दिख रहा है, जैन समाज के युवाओं ने समय की आवश्यकता को देखते हुए एक नवीन जिनालय बनाने का संकल्प लिया और उनके इस प्रण में आज प्राण प्रतिष्ठा की ओर पहला कदम रखते हुए नौवें तीर्थकर श्री पुष्पदंत नाथ भगवान के नवीन जिनालय के भूमि पूजन एवं शिलान्यास का कार्यक्रम आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य बाल ब्रह्मचारी संजीव भैया कटंगी, बाल ब्रहमचारी सुनील भैया जबलपुर, बाल ब्रह्मचारी अंकित भैया जबलपुर के मंगल सानिध्य में सानंद संपन्न हुआ।

सामर्थ्य अनुसार दिया दान
आयोजन के प्रारंभ में सर्वप्रथम श्री जिनेंद्र भगवान के अभिषेक की क्रियाएं संपन्न हुईं, तत्पश्चात ब्रह्मचारी संजीव भैया के निर्देशन में श्री भक्तामर महामंडल विधान का आयोजन संपन्न हुआ तथा आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के जीवन की विभिन घटनाओं को याद करते हुए, उन्हें समाज जन द्वारा विनयांजलि अर्पित की गई। मंगल विधान के पश्चात भूमि पूजन एवं शिलान्यास का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ, जिसमें रायपुर एवं छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों से पधारे धर्म प्रेमी जनों ने बड़ी तादाद में अपनी सामर्थ्य अनुसार दान देकर मंदिर निर्माण के इस पावनअनुष्ठान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। सभी ने धातुओं की शिला आदि समर्पित कर विधि विधान पूर्वक मंदिर निर्माण की नींव रखी। श्री जैन मंदिर में मूल नायक भगवान श्री पुष्पदंत नाथ स्वामी की प्रतिमा विराजमान करने का सौभाग्य राजीव जैन परिवार को प्राप्त हुआ, भगवान की वेदी निर्माण कराने का सौभाग्य महेंद्र, प्रशांत, निशांत जैन बांझल परिवार को प्राप्त हुआ। श्री जिन मंदिर पर शिखर निर्माण कराने का सौभाग्य कुलदीप जैन परिवार को प्राप्त हुआ, साथ ही श्री जिनालय में 24 तीर्थकर भगवानों की प्रतिमाएं स्थापित होना प्रस्तावित हैं। जिसके लिए 24 पुण्यार्जक परिवारों ने अपने नामों की घोषणा की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मंदिर निर्माण में 11 ट्रस्टियों की घोषणा हुई, जिसमें विनोद जैन बड़जात्या, नरेंद्र जैन गुरु कृपा, मनीष जैन बिलासपुर, इंजी. सुरेंद्र कुमार जैन, राजीव जैन फूडफिलिक्स, निशांत जैन सीए, कुलदीप जैन, आशुतोष जैन, डॉक्टर राहुल जैन, विकास जैन, महेंद्र कुमार जैन आदि सम्मिलित हैं।













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