भिंड में जैन मिलन अरिहंत द्वारा साधु-संतों एवं तीर्थ की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय आह्वान के तहत रक्षा दिवस मनाया गया, जिसमें सामूहिक णमोकार महामंत्र का पाठ और सुरक्षा का संकल्प लिया गया। पढ़िए सोनल जैन की खास रिपोर्ट…
भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय आह्वान पर रविवार, 10 अगस्त 2025 को पूरे देश के जैन समाज ने साधु-संतों और पवित्र तीर्थ स्थलों की सुरक्षा के लिए ‘रक्षा दिवस’ मनाया। इस अवसर पर देशभर के जैन मंदिरों में एक ही समय पर णमोकार महामंत्र का सामूहिक पाठ और आरती का आयोजन किया गया। इसी क्रम में जैन मिलन अरिहंत, भिंड द्वारा कीर्ति स्तंभ मंदिर, लश्कर रोड पर भव्य कार्यक्रम हुआ। सायं 8 बजे से 8:30 बजे तक 30 मिनट का सामूहिक णमोकार महामंत्र पाठ हुआ, जिसमें समाज के वरिष्ठ नागरिक, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए। इसके उपरांत 8:30 से 8:45 बजे तक सामूहिक मंगल आरती संपन्न हुई और सभी ने साधु-साध्वियों की रक्षा का संकल्प लिया।
रक्षाबंधन से जुड़ी ऐतिहासिक प्रेरणा
कार्यक्रम संयोजक एवं जैन मिलन अरिहंत के अध्यक्ष अजीत जैन ‘सोनू’ ने सभा को संबोधित करते हुए रक्षा दिवस का महत्व और इसका ऐतिहासिक संदर्भ बताया। उन्होंने कहा कि जैन धर्म में रक्षाबंधन का पर्व केवल भाई-बहन के रिश्ते का उत्सव नहीं है, बल्कि यह साधु-संतों की सुरक्षा की प्रेरक गाथा से जुड़ा हुआ है।
पौराणिक कथा के अनुसार, मुनि विष्णु कुमार 700 जैन मुनियों के साथ हस्तिनापुर पहुंचे थे, जहां राजा बलि ने उन्हें कष्ट देने के उद्देश्य से उनके चारों ओर आग लगवा दी। अत्यधिक कष्ट के बावजूद मुनिराजों ने धैर्य और संयम नहीं छोड़ा और अन्न-जल का त्याग कर दिया। श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के दिन, मुनि विष्णु कुमार ने वामन रूप धारण करके राजा बलि से भिक्षा में तीन पग भूमि मांगी और अपनी दिव्य शक्ति से तीन पग में ही सारा संसार नाप लिया, जिससे 700 मुनियों की रक्षा हुई। तभी से इस दिन को जैन परंपरा में साधु-संतों की रक्षा के पर्व के रूप में भी स्मरण किया जाता है।
वर्तमान संदर्भ में रक्षा का संकल्प
अजीत जैन ने आगे कहा कि आज के समय में भी विहार करते साधु-संत अनेक प्रकार के उपसर्ग और आघात का सामना करते हैं। इसलिए हम सभी का दायित्व है कि हम उनके सुरक्षा कवच बनें और तीर्थों की पवित्रता को बनाए रखें।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में विशेष रूप से इस अवसर पर राष्ट्रीय पदाधिकारी सदस्य मार्गदर्शक मंडल डॉ. एस. के. जैन, राष्ट्रीय संयोजक वृक्षरोपण शाह विमल चंद जैन, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अतिवीर सुनील जैन मेडिकल और जैन मिलन भिंड के अध्यक्ष वीर अजित जैन सोनू जैन मंत्री विकास जैन कोषाध्यक्ष वीर अमन जैन, पार्षद हेमू राहुल जैन, राघव जैन, रोहित जैन, रजत जैन, रविंद्र जैन, शैलेंद्र जैन पिंटू, सुनील जैन, और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में जैन मिलन अरिहंत समिति ने कार्यक्रम में पधारे सभी महानुभावों का हृदय से आभार व्यक्त किया |
सकारात्मक ऊर्जा से भरा आयोजन
पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर प्रांगण में भक्ति, शांति और एकता का वातावरण रहा। णमोकार महामंत्र के सामूहिक उच्चारण से वातावरण पवित्र हो उठा और आरती के दौरान सभी ने साधु-संतों के विहार में सहयोग और सुरक्षा की प्रतिज्ञा ली।













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