बैंगलोर में जैन मंदिरों में दशलक्षण महापर्व को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। दस उपवास करने वाले श्रावक-श्राविकाओं का विशेष सम्मान किया गया और उनके तप एवं साधना की अनुमोदना करते हुए मंगलकामनाएं दी गईं। पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट…
बैंगलोर के एचएएल स्थित जैन मंदिर में प्रातःकालीन बेला में श्रद्धालु भगवान जिनेन्द्र का अभिषेक, पूजन और आराधना में लीन रहे। इस अवसर पर दस उपवास करने वाले श्रावक-श्राविकाओं का विशेष सम्मान किया गया। स्वाति सिंघई सहित अनेक श्रद्धालु इस सम्मान समारोह में शामिल थे।
समाज के वरिष्ठों ने उनके आत्मबल और तप की साधना की सराहना करते हुए उन्हें मंगलकामनाएं दी। आज के भौतिकवादी युग में जहां युवा धर्म से दूर होते जा रहे हैं, वहीं आईटी सिटी बैंगलोर में इंजीनियर और उनके परिवार धर्म के मार्ग पर अग्रसर होकर तप और आराधना में जुटे हैं।
यह आयोजन न केवल समाज के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि जीवन मूल्यों, नैतिक शिक्षा और परिवारिक सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है। पूरे कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भक्ति, तप और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।













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