बोराव सरपंच अनुराग जैन ने बाढ़ में फंसी एक नव प्रसूता महिला को SDRF और प्रशासन की मदद से ब्राह्मणी नदी पार कर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। यह जीवन और मानवता का एक अद्भुत संगम था। पढ़िए अभिषेक जैन की विस्तृत खबर…
बोराव (राजस्थान)। जब इंसान अपने पद का उपयोग सिर्फ शोभा नहीं, सेवा के लिए करता है — तो वो अनुराग जैन बनता है। बोराव ग्राम पंचायत के सरपंच ने एक असहाय नवप्रसूता की जान बचाकर मानवीयता की एक ज़िंदा मिसाल पेश की।
गांव लाडपुरा की एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हो रही थी। लेकिन ब्राह्मणी नदी उफान पर थी, रास्ते पूरी तरह बंद थे। ऐसे में सूचना मिलते ही सरपंच अनुराग जैन सक्रिय हुए और तहसीलदार, पुलिस, SDRF मांडलगढ़ टीम से संपर्क किया।
उफनती नदी को पार कर चिकित्सालय पहुँचाया
रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, और उफनती नदी को पार कर महिला को रावतभाटा चिकित्सालय पहुँचाया गया। वहां महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। डॉक्टरों के अनुसार जच्चा-बच्चा दोनों पूर्णतः स्वस्थ हैं।
यह केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि इंसानियत, जिम्मेदारी और समर्पण की तस्वीर है। सरपंच अनुराग जैन ने सिद्ध किया कि “जनप्रतिनिधि वही जो संकट में सबसे पहले खड़ा हो।”













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