नवीन प्रतिमाओं का पंचकल्याणक महा महोत्सव 11 से 16 मार्च तक संत आचार्य श्री विद्यासागर जी एवं आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से नगर में विराजमान मुनि श्री संभवसागरजी महाराज, मुनि श्री निस्सीम सागर जी, महाराज मुनि श्री संस्कार सागर जी महाराज ससंघ सानिध्य में प्रतिष्ठाचार्य विनय भैया के निर्देशन में होंगे। विदिशा से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर…
विदिशा। 10वें तीर्थंकर भगवान श्री शीतलनाथ स्वामी के चार कल्याणकों से पवित्र भूमि पर बनने जा रहे विशाल समवशरण के पंचकल्याणक की पूर्व भूमिका में शीतलधाम के अधिष्ठाता एवं नगर के इष्टदेव भगवान श्री आदिनाथ स्वामी बर्रो वाले भगवान के नवीन जिनालय में विराजमान होने जा रही सभी नवीन प्रतिमाओं का पंचकल्याणक महा महोत्सव 11 से 16 मार्च तक संत आचार्य श्री विद्यासागर जी एवं आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से नगर में विराजमान मुनि श्री संभवसागरजी महाराज, मुनि श्री निस्सीम सागर जी, महाराज मुनि श्री संस्कार सागर जी महाराज ससंघ सानिध्य में प्रतिष्ठाचार्य विनय भैया के निर्देशन में होंगे। प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया कि जैन महाविद्यालय के विशाल प्रांगण में 25 हजार वर्ग फिट के विशाल डोम के माध्यम से आयोध्या नगरी की रचना की गई है। जिसमें लगभग पांच हजार श्रावक-श्राविकाएँ एक साथ बैठकर भगवान जिनेन्द्र देव की पूजन करेंगे। प्रतिदिन भगवान के पंचकल्याणक अर्थात गर्भ, जन्म, दीक्षा, केवलज्ञान तथा मोक्ष कल्याणक की पूजा तथा जीवन से संबंधित सभी प्रमुख घटनाओं का सजीव चित्रण किया जाएगा।
तीन भोजनशाला बनाई
प्रतिदिन प्रातः6 बजे से रात्री 10 बजे तक पंचकल्याणक सम्वंधित सभी मांगलिक कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रम स्थल पर 11 अस्थायी दुकानें लगाई गयी हैं।,जिसमें हथकरघा, शांतीधारा तथा विभिन्न रोजमर्रा की वस्तु विक्रय हेतु उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही तीन भोजनशाला जिसमें एक भोजनशाला सामान्य सभी श्रद्धालुओं के लिये तथा दूसरी भोजनशाला में इंद्र- इंद्राणिओं के लिये तथा तीसरी भोजनशाला त्यागी वृति प्रतिमाधारियों के लिये बनाई गयी है। बाहर से आने वाले यात्रियों के लिये माधवगंज स्थित शीतल भवन एवं शीतलधाम पर रुकने की व्यवस्था की गयी है।
प्रत्येक कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें
सभी व्यवस्थाओं के लिये विभिन्न समितियां बनाई गयी है जिससे किसी को कोई दिक्कत न हो। इस अवसर पर मुनि श्री संभवसागर महाराज ने कहा कि यह विदिशा बालों का पुण्य है कि उनको भगवान का यह पंचकल्याणक देखने का सुअवसर मिल रहा है। इसलिये सभी लोग अपने अपने पुण्य की सराहना करें और इस दौरान प्रत्येक कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया कि गंज बासोदा से मुनि श्री विमलसागरजी महाराज एवं मुनि श्री अनंतसागरजी महाराज ससंघ का मंगल विहार विदिशा की ओर चल रहा है। शनिवार की आहार चर्या गुलाब गंज में हुई। रविवार को प्रातः विदिशा शहर में मंगल अगवानी की संभावना है।













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